{क्या तुम हाजियों को पानी पिलाने और सम्मानित मस्जिद की सेवा को, उसके (ईमान के) बराबर समझते…

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है

स़ह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: {क्या तुम हाजियों को पानी पिलाने और सम्मानित मस्जिद की…

हदीस की व्याख्या: {क्या तुम हाजियों को पानी पिलाने और सम्मानित मस्जिद की…

नौमान बिन बशीर रज़ियल्लाहु अन्हुमा ने वर्णन किया है कि वह नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के मिंबर के पास बैठे हुए थे कि एक आदमी को कहते हुए सुना : मुझे कोई परवाह नहीं कि मैं इस्लाम लाने के बाद हाजियों को पानी पिलाने के सिवा कोई और अमल न करूँ। एक दूसरे व्यक्ति ने कहा : मुझे इसकी कोई परवाह नहीं कि इस्लाम लाने के बाद मैं कोई और काम न करूँ, सिवाय इसके कि मैं मस्जिद-ए-हराम को आबाद रखूँ। एक तीसरे व्यक्ति ने कहा : अल्लाह के रास्ते में जिहाद करना तुम दोनों की कही हुई बातों से उत्तम है। अतः उमर बिन ख़त्ताब रज़ियल्लाहु अन्हु ने उन्हें नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के मिंबर के पास आवाज़ बुलंद करने पर डाँटा। यह जुमा के दिन की सुबह थी। उमर रज़ियल्लाहु अन्हु ने कहा : लेकिन जब मैं जुमा की नमाज़ पढ़ लूँगा तो अंदर जाकर नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम से उस बारे में पूछ लूँगा जिसमें तुम लोगों का इख़्तिलाफ़ है। चुनांचे इसी संदर्भ में सर्वशक्तिमान एवं महान अल्लाह ने फ़रमाया :

{क्या तुम हाजियों को पानी पिलाने और सम्मानित मस्जिद (काबा) की सेवा को, उसके (ईमान के) बराबर समझते हो, जो अल्लाह और अन्तिम दिन पर ईमान लाया तथा अल्लाह की राह में जिहाद किया? अल्लाह के समीप दोनों बराबर नहीं हैं तथा अल्लाह अत्याचारियों को सुपथ नहीं दिखाता।} [सूरा तौबा : 19]

सीख: {क्या तुम हाजियों को पानी पिलाने और सम्मानित मस्जिद की…

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أستغفر الله मैं अल्लाह से माफी माँगता हूँ

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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