नमाज़ में जम्हाई लेना शैतान की ओर से होता है। अतः यदि किसी को जम्हाई आए तो उसे सामर्थ्य भर…

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे तिर्मिज़ी ने रिवायत किया है।

सह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: नमाज़ में जम्हाई लेना शैतान की ओर से होता है। अतः यदि क…

عن أبي هريرة رضي الله عنه مرفوعًا: «التَّثَاؤُبُ في الصلاة من الشَّيطان؛ فإذا تَثَاءَبَ أحدكم فَليَكْظِم ما اسْتَطاع».

हदीस की व्याख्या: नमाज़ में जम्हाई लेना शैतान की ओर से होता है। अतः यदि क…

नमाज़ में जम्हाई शैतान की ओर से है। क्योंकि जम्हाई उस समय आती है, जब शरीर भारी, ढीला-ढाला और भरा हुआ हो, सुस्ती छाई हुई हो और नींद आ रही हो। जबकि शैतान ही इस बात की प्रेरणा देता है कि इन्सान आकांक्षाओं के पीछे पड़ा रहे और खूब खाता-पीता रहे। अतः जब किसी को नमाज़ की हालत में जम्हाई आए, तो वह जहाँ तक हो सके उसे रोकने का प्रयास करे और इसके लिए जहाँ तक संभव हो अपने दाँतों एवं होंठों को बंद रखे। ताकि शैतान उसकी शक्ल बिगाड़ने, उसके मुँह के अंदर प्रवेश करने और उसपर हँसने जैसे अपने उद्देश्यों में सफल न हो सके। लेकिन यदि वह जम्हाई को रोक न पाए, तो मुँह पर हाथ रख ले।

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سبحان الله अल्लाह की पवित्रता है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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