कुछ लोगों को क्या हो गया है कि वे नमाज़ में अपनी नज़रें आकाश की ओर उठाते हैं?" आपने इसके ब…

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी ने रिवायत किया है

स़ह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: कुछ लोगों को क्या हो गया है कि वे नमाज़ में अपनी नज़रें…

हदीस की व्याख्या: कुछ लोगों को क्या हो गया है कि वे नमाज़ में अपनी नज़रें…

अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने नमाज़ में दुआ के समय या किसी और समय में अपनी नज़रों को आकाश की ओर उठाने वालों को सचेत किया है और बड़े सख़्त अंदाज़ में सावधान करते हुए कहा है कि आपको इस बात का डर लग रहा है कि उनकी निगाहों को तेज़ी के साथ उचक लिया जाए और इसका एहसास उन्हें देखने की नेमत छिन जाने के बाद ही हो।

सीख: कुछ लोगों को क्या हो गया है कि वे नमाज़ में अपनी नज़रें…

श्रेणियाँ : इबादतों पर आधारित फ़िक़्ह · नमाज़ · फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह · नमाज़ियों से होने वाली गलतियाँ

بسم الله الرحمن الرحيم बुध 16 जुमादा अल-अव्वल
الأربعاء 16 جمادى الأولى
أحدب متناقص घटता हुआ कूबड़ दिन 16.6 / 29.5
रोशनी 96%
13 दिनों में अमावस्या
أستغفر الله मैं अल्लाह से माफी माँगता हूँ

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

पैग़ंबर पर दुरूद