मेरी यह चादर अबू जह्म को दे दो और अबू जह्म से उसकी अंबजानी चादर (बिना धारियों वाली मोटी चा…

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।

सह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: मेरी यह चादर अबू जह्म को दे दो और अबू जह्म से उसकी अंबज…

عن عائشة رضي الله عنها أن النبي صلى الله عليه وسلم صلَّى في خَمِيصَةٍ لها أعْلَام، فَنَظَر إلى أَعْلاَمِهَا نَظْرَةً، فلمَّا انْصَرف قال: «اذهبوا بِخَمِيصَتِي هذه إلى أبي جَهْم وَأْتُونِي بِأَنْبِجَانِيَّةِ أبي جَهْم؛ فإنها أَلْهَتْنِي آنِفًا عن صَلاتي»
وفي رواية: «كنت أنظر إلى عَلَمِها، وأنا في الصلاة؛ فأخاف أن تَفْتِنَنِي».

हदीस की व्याख्या: मेरी यह चादर अबू जह्म को दे दो और अबू जह्म से उसकी अंबज…

अबू जह्म (रज़ियल्लाहु अंहु) ने नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को एक रंगीन और नक़शों वाली चादर भेंट की। चूँकि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) उच्च आचरण के मालिक थे और उपहार देने वाले का दिल रखने के लिए उपहार स्वीकार करते थे, इसलिए उसे ग्रहण कर लिया और उसे पहनकर नमाज़ पढ़ने लगे। चादर भड़कदार थी और उसमें नक़शे बने हुए थे तथा बार-बार उससे नज़र अटक रही थी, इसलिए उसने आपका ध्यान खींचा और नमाज़ में समर्पण से रोक दिया। अतः, आपने आदेश दिया कि इस नक़शेदार चादर को अबू जह्म को लौटा दिया जाए और उनसे एक सादा और बिना नक़शे वाली चादर लाया जाए, ताकि उनके दिल को तसल्ली हो जाए और उपहार लौटाने के कारण उनके दिल में कोई नाराज़गी पैदा न हो।

श्रेणियाँ : इबादतों पर आधारित फ़िक़्ह · नमाज़ · फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह · नमाज़ की सुन्नतें

بسم الله الرحمن الرحيم मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
بدر पूर्णिमा दिन 16.6 / 29.5
रोशनी 96%
13 दिनों में अमावस्या
سبحان الله अल्लाह की पवित्रता है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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