क्या मैं तुम्हें वह शब्द न बताऊँ, जो अल्लाह के निकट सबसे प्रिय है? अल्लाह के निकट सबसे प्र…

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है।

सह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: क्या मैं तुम्हें वह शब्द न बताऊँ, जो अल्लाह के निकट सबस…

عن أبي ذر الغفاري رضي الله عنه عن النبي صلى الله عليه وسلم قال: «ألاَ أُخْبِرُكَ بِأَحَبِّ الكَلاَمِ إِلَى اللهِ؟ إنَّ أَحَبَّ الكلام إِلى الله: سبحان اللهِ وبحمدِهِ».

हदीस की व्याख्या: क्या मैं तुम्हें वह शब्द न बताऊँ, जो अल्लाह के निकट सबस…

यह हदीस इस बात का प्रमाण है कि तसबीह सर्वशक्तिमान एवं महान अल्लाह के निकट सबसे प्रिय वाणी है, क्योंकि तसबीह का अर्थ है अल्लाह को उन तमाम उपमाओं, समानताओं, कमियों एवं अनुचित बातों से पवित्र घोषित करना, जो उसके योग्य नहीं हैं। कहने वाले का यह कहना "अपनी प्रशंसा के साथ" दरअसल इस बात का एतराफ़ है कि तसबीह भी पवित्र अल्लाह की प्रशंसा के कारण संभव हो सकी, अतः यह भी उसी का एहसान है। इसका एक अन्य अर्थ हो सकता है : मैं उसकी पवित्रता उसकी प्रशंसा के साथ बयान करता हूँ, क्योंकि उसी ने मुझे पवित्रता बयान करने का सुयोग प्रदान किया है। अतः (سبحان الله وبحمده) अल्लाह के निकट सबसे प्रिय वाणी है, क्योंकि उसके अंदर अल्लाह की पाकी का भी बयान है और उसकी प्रशंसा भी है।

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لا حول ولا قوة إلا بالله अल्लाह के बिना कोई शक्ति और सामर्थ्य नहीं

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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