सबसे अंतिम दृष्टि जो मैंने अल्लाह के रसूल- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- की ओर डाली थी वह यह थ…

इस्लाम > Hi > हदीस > सरत एव इतहस > सबसे अंतिम दृष्टि जो मैंने अल्लाह के रसूल- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- की ओर डाली थी वह यह थ…

हदीस वर्णनकर्ता: इसे नसाई ने रिवायत किया है। - इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है।

सह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

📖 1 मिनट पढ़ने का समय

हदीस का पाठ: सबसे अंतिम दृष्टि जो मैंने अल्लाह के रसूल- सल्लल्लाहु अ…

عن أنس رضي الله عنه قال: «آخِرُ نَظْرة نَظَرْتُها إلى رسول الله صلى الله عليه وسلم كَشَف السِّتارة والناسُ صُفوف خَلْف أبي بكر رضي الله عنه ، فأراد أبو بكر أنْ يَرْتَدَّ، فأشار إليهم أَنِ امكثُوا وأَلْقى السِّجْفَ، وتُوفِّي مِن آخِرِ ذلك اليوم، وذلك يومَ الإثنين».

हदीस की व्याख्या: सबसे अंतिम दृष्टि जो मैंने अल्लाह के रसूल- सल्लल्लाहु अ…

अनस बिन मालिक -रज़ियल्लाहु अनहु- ने अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- को अंतिम बार उस समय देखा था, जब आपने अपने कमरे तथा मस्जिद के बीच में पड़े पर्दे को उठाया था। उस समय आपने देखा कि लोग अबू बक्र -रज़ियल्लाहु अनहु- के पीछे पंक्तिबद्ध होकर नमाज़ अदा कर रहे हैं। अबू -रज़ियल्लाहु अनहु- ने आप -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के आने की आहट महसूस की और सोचा कि शायद आप नमाज़ के लिए निकलना चाहते हैं। अतः उन्होने पीछे हटकर सफ़ में खड़ा होना चाहा, ताकि आप उनके स्थान पर आकर खुद लोगों को नमाज़ पढ़ा सकें। लेकिन आपने लोगों की ओर इशारा किया कि सब लोग अपनी-अपनी जगहों पर रहें और नमाज़ पूरी करें। फिर पर्दे को गिरा दिया। उसी दिन शाम के समय आप मृत्यु को प्राप्त हो गए। वह सोमवार का दिन था।

श्रेणियाँ : सीरत-ए-नबवी · आप सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की मृत्यु · सीरत एवं इतिहास

بسم الله الرحمن الرحيم मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
بدر पूर्णिमा दिन 16.6 / 29.5
रोशनी 96%
13 दिनों में अमावस्या
الحمد لله अल्लाह की सारी प्रशंसा है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

पैग़ंबर पर दुरूद