(नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम फ़रमाते हैं कि) "मैं चल रहा था कि मैंने आसमान से एक आवाज़ सु…

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है

स़ह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: (नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम फ़रमाते हैं कि) "मैं चल र…

हदीस की व्याख्या: (नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम फ़रमाते हैं कि) "मैं चल र…

नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने नबी बनने के बाद के आरंभिक दिनों में वह़्य के रुक जाने और उसके उतरने में विलंब होने के बारे में बताते हुए फ़रमाया है : एक रोज़ मैं मक्का की गलियों में चल रहा था कि अचानक मुझे आसमान से एक आवाज़ सुनाई दी। मैंने सर उठाया, तो देखा कि वही फ़रिश्ता जिबरील जो मेरे पास ग़ार-ए-हिरा में आया था, आसमान और ज़मीन के बीच एक कुर्सी पर बैठा हुआ है। मैं उसे देखकर भयभीत हो गया। फिर मैं अपने घर वालों के पास लौट आया और बोला : मुझे कोई कपड़ा ओढ़ा दो। तो उसी समय अल्लाह ने यह आयतें उतारीं : {ऐ चादर ओढ़ने वाले!} यानी अपने कपड़े में लिपटे हुए, {उठो} आह्वान के साथ, {और सावधान करो} उन लोगों को जो आपके रसूल बनकर आने पर विश्वास नहीं करते। {तथा अपने पालनहार} और अपने उपास्य अल्लाह {की महिमा का वर्णन करो}, तथा उसकी प्रशंसा करो और उसकी बड़ाई बयान करो। {तथा अपने कपड़ों को पवित्र रखो} यानी अपने वस्त्रों को नापाकियों से पाक रखो, {तथा मलिनता को त्याग दो} अर्थात मूर्तियों और प्रतिमाओं की पूजा छोड़ दो। इसके बाद वह़्य आने का सिलसिला तेज़ हो गया और वह़्य निरंतर रूप से आने लगी।

सीख: (नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम फ़रमाते हैं कि) "मैं चल र…

श्रेणियाँ : सीरत-ए-नबवी · Prophet's Lineage · सीरत एवं इतिहास

بسم الله الرحمن الرحيم मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
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13 दिनों में अमावस्या
لا حول ولا قوة إلا بالله अल्लाह के बिना कोई शक्ति और सामर्थ्य नहीं

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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