पूरी धरती मस्जिद है, सिवाय क़ब्रगाह और स्नान घर के।

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे इब्ने माजा ने रिवायत किया है । - इसे तिर्मिज़ी ने रिवायत किया है। - इसे अबू दाऊद ने रिवायत किया है। - इसे अह़मद ने रिवायत किया है। - इसे दारिमी ने रिवायत किया है।

सह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: पूरी धरती मस्जिद है, सिवाय क़ब्रगाह और स्नान घर के।

عن أبي سعيد الخدري رضي الله عنه مرفوعًا: «الأرض كُلُّها مسجد إلا المَقْبَرة والحَمَّام».

हदीस की व्याख्या: पूरी धरती मस्जिद है, सिवाय क़ब्रगाह और स्नान घर के।

पूरी धरती नमाज़ पढ़ने के लिए उपयुक्त है, सिवाय उस स्थान के जहाँ मुर्दों को दफ़न किया जाता है, जिसके अंतर्गत क़ब्रिस्तान की चहारदीवारी के अंदर का पूरा क्षेत्र शामिल है और सिवाय उस स्थान के जहाँ शिफ़ा हासिल करने के लिए गर्म पानी से स्नान किया जाता है।

नववी कहते हैं : "इस मसले में सारे इस्लामिक विद्वानों का मतैक्य है कि शैतान के रहने की जगहों में नमाज़ पढ़ना अप्रिय है। जैसे शराब खाने, नाइट क्लब तथा उत्पाद कर वसूली केंद्र आदि ऐसे स्थान जहाँ खुलेआम गुनाह किए जाते हों और चर्च, यहूदियों के पूजा स्थल और शौचालय अदि।"

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حسبنا الله ونعم الوكيل अल्लाह हमारे लिए काफी है, कितना अच्छा रक्षक है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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