अतिशयोक्ति करने वाले हलाक हो गए
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हदीस वर्णनकर्ता: इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है
स़ह़ीह़
27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
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हदीस का पाठ: अतिशयोक्ति करने वाले हलाक हो गए
عن عبد الله بن مسعود قال: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم: «هَلَكَ الْمُتَنَطِّعُون» قالها ثلاثًا.
हदीस की व्याख्या: अतिशयोक्ति करने वाले हलाक हो गए
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम बता रहे हैं कि बिना ज्ञान और प्रमाण के अपने दीन और दुनिया तथा कथन एवं कर्म में अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की बताई हुई शरई सीमा से आगे बढ़ने वाले नाकाम व नामुराद होंगे।
सीख: अतिशयोक्ति करने वाले हलाक हो गए
- सारे ही कामों में बाल की खाल निकालना और अतिशयोक्ति करना हराम है, अतः इससे बचना चाहिए। खास तौर से इबादतों और नेक लोगों के सम्मान में।
- इबादत आदि में अधिक उत्तम चीज़ करना अच्छी बात है और इसके लिए शरीयत का अनुसरण ज़रूरी है।
- किसी महत्वपूर्ण बात की ताकीद करना मुसतहब है, क्योंकि अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने इस वाक्य को तीन बार दोहराया है।
- इस्लाम एक आसान तथा उदार धर्म है।
श्रेणियाँ :
अक़ीदा
· सर्वशक्तिमान एवं महान अल्लाह पर ईमान
· उपासना (इबादत) से संबंधित एकेश्वरवाद
بسم الله الرحمن الرحيم
मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
حسبنا الله ونعم الوكيل
अल्लाह हमारे लिए काफी है, कितना अच्छा रक्षक है