अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) मेरे यहाँ आए और एक लटके हुए मश्क के मुँह से खड़े…
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हदीस वर्णनकर्ता: इसे इब्ने माजा ने रिवायत किया है । - इसे तिर्मिज़ी ने रिवायत किया है। - इसे अह़मद ने रिवायत किया है।
सह़ीह़
27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
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हदीस का पाठ: अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) मेरे यहाँ आए…
عن أم ثابتٍ كَبْشَةَ بنتِ ثابتٍ أُخْتِ حَسَّانَ بنِ ثابتٍ رضي الله عنهما ، قالت: دَخَلَ عَلَيَّ رسولُ اللهِ صلى الله عليه وسلم فَشَرِبَ مِنْ فِي قِرْبَةٍ مُعَلَّقَةٍ قائمًا، فقُمتُ إلى فِيها فَقَطَعْتُهُ.
हदीस की व्याख्या: अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) मेरे यहाँ आए…
श्रेणियाँ :
अक़ीदा
· सर्वशक्तिमान एवं महान अल्लाह पर ईमान
· उपासना (इबादत) से संबंधित एकेश्वरवाद
بسم الله الرحمن الرحيم
मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
حسبنا الله ونعم الوكيل
अल्लाह हमारे लिए काफी है, कितना अच्छा रक्षक है