क्या तुम्हें इसी का आदेश दिया गया है? अथवा क्या तुम्हें इसीलिए इस धरा पर भेजा गया है कि एक…

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे इब्ने माजा ने रिवायत किया है । - इसे अह़मद ने रिवायत किया है।

ह़सन

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: क्या तुम्हें इसी का आदेश दिया गया है? अथवा क्या तुम्हें…

عن عبد الله بن عمرو رضي الله عنهما : أنَّ نَفَرًا كانوا جُلوسًا بباب النبي صلى الله عليه وسلم ، فقال بعضُهم: ألم يَقُلِ اللهُ كذا وكذا؟ وقال بعضُهم: ألم يَقُلِ اللهُ كذا وكذا؟ فسمِعَ ذلك رسولُ الله صلى الله عليه وسلم ، فخرج كأنَّما فُقِئَ في وجهِه حَبُّ الرُّمَّان، فقال: «بهذا أُمِرْتُم؟ أو بهذا بُعِثْتم؟ أنْ تَضْربُوا كتابَ اللهِ بعضَه ببعض؟ إنَّما ضَلَّتِ الأُمَمُ قبلكم في مثل هذا، إنَّكم لستُم ممَّا هاهنا في شيء، انظروا الذي أُمِرتم به، فاعملوا به، والذي نُهِيتُم عنه، فانتهوا».

हदीस की व्याख्या: क्या तुम्हें इसी का आदेश दिया गया है? अथवा क्या तुम्हें…

कुछ सहाबा -रज़ियल्लाहु अनहुम- अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के द्वार के पास बैठे हुए थे। इस बीच किसी मसले पर उनका मतभेद हो गया। कुछ रिवायतों में है कि उनका मतभेद भाग्य के मसले पर हुआ था। उनमें से किसी ने अपने मत के प्रमाण के रूप में अल्लाह की किताब की कोई आयत प्रस्तुत की, तो किसी ने अपनी बात को सिद्ध करने के लिए कोई अन्य आयत सामने रख दी। उनकी यह बातें अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने सुनीं, तो घर से निकलकर उनके पास आए। आप क्रोधित थे और चेहरा बहुत ज़्यादा लाल था। ऐसा मालूम होता था कि आपके चेहरे पर अनार का रस निचोड़ दिया गया हो। आपने उनसे फ़रमाया : क्या क़ुरआन के बारे में यह मतभेद, बहस और झगड़ा ही तुम्हारी रचना का उद्देश्य है? या फिर अल्लाह ने तुम्हें इसी का आदेश दिया है? आप कहना यह चाहते थे कि दोनों में से कोई भी बात नहीं है और इन बहसों की कोई आवश्यकता भी नहीं है। फिर बताया कि पिछले समुदायों की गुमराही का सबब यही मतभेद था। फिर उन्हें उनकी भलाई तथा लाभ की बात बताते हुए फ़रमाया : जिस बात का आदेश तुम्हें अल्लाह दे, उसे करो और जिस बात से रोके, उससे रुक जाओ। इसी के लिए अल्लाह ने तुम्हारी रचना की है और इसी में तुम्हारी भलाई एवं मुक्ति है।

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حسبنا الله ونعم الوكيل अल्लाह हमारे लिए काफी है, कितना अच्छा रक्षक है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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