क़ुरआन से संबंधित साधारण विषय पर हदीसें

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«क़ुरआन से संबंधित साधारण विषय» पर 14 समझाई गई नबवी हदीसें: अरबी पाठ, अनुवाद, व्याख्या और सीख, प्रामाणिकता की डिग्री और स्रोतों के साथ।

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

क़ुरआन से संबंधित साधारण विषय पर हदीसों की सूची

सह़ीह़ अब्दुल्लाह बिन अब्बास (रज़ियल्लाहु अन्हुमा) तथा मुह़म्मद बिन ह़नफिया से पूछा गया कि क्या नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने (आप लोगों के लिए) कुछ छोड़ा सह़ीह़ क़ुरआन उस समय तक पढ़ो, जब तक तुम्हारे दिल अनुकूल रहें। जब प्रतिकूलता आने लगे, तो पढ़ना छोड़ दो। ह़सन क्या तुम्हें इसी का आदेश दिया गया है? अथवा क्या तुम्हें इसीलिए इस धरा पर भेजा गया है कि एक आयत का खंडन दूसरी आयत से करो? तुमसे पूर्व की उम्मतें तो इन् सह़ीह़ कुरआन के संबंध में वाद-विवाद न करो, क्योंकि इसके विषय में वाद-विवाद करना कुफ़्र है। सह़ीह़ मैं अपनी उम्मत पर दो चीजों से डरता हूँः क़ुरआन और दूध। जहाँ तक दूध की बात है, तो लोग उसके कारण देहातों की ओर चले जाएँगे और अपनी इच्छाओं के पीछे भागेंग स़ह़ीह़ नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने मुझ से फरमाया : “मुझे क़ुरआन सुनाओ” सह़ीह़ अब्दुल्लाह बिन मसऊद- रज़ियल्लाहु अन्हु- काबे को बाएँ और मिना को दाएँ करके खड़े हुए और फ़रमायाः यही वह स्थान है, जहाँ अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व स़ह़ीह़ “निश्चय ही क़ुरान वाले का उदाहरण रस्सी से बंधे हुए ऊँटों के मालिक के समान है। यदि वह उनकी ठीक से देखभाल करेगा, तो उन्हें अपने पास रखने में सफल होगा और सह़ीह़ अली -रज़ियल्लाहु अन्हु- से पूछा गया कि क्या आपके पास अल्लाह की किताब के अलावा भी कुछ और वह्य है? तो उन्होंने उत्तर दिया : “नहीं। उस हस्ती की क़सम जिसन ह़सन अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम से दस आयतें पढ़ते और दूसरी दस आयतों को पढ़ना उस समय तक शुरू नहीं करते, जब तक उन दस आयतों के ज्ञान एवं अमल को सी स़ह़ीह़ हम नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के साथ थे और हम वयस्क होने ही वाले थे। हमने क़ुरआन सीखने से पहले ईमान सीखा और उसके बाद क़ुरआन सीखा, तो इससे हमारा ईमान ह़सन रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम हमें हर हाल में क़ुरआन पढ़ाते थे, सिवाय जनाबत (अपवित्रता) की हालत के। सह़ीह़ उस पत्र में, जो अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने अम्र बिन हज़्म को लिखा था, यह भी था : क़ुरआन को पवित्र व्यक्ति ही छूए स़ह़ीह़ अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम सभी हालतों में अल्लाह का ज़िक्र (गुणगान) किया करते थे।
بسم الله الرحمن الرحيم मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
بدر पूर्णिमा दिन 16.5 / 29.5
रोशनी 97%
13 दिनों में अमावस्या
لا حول ولا قوة إلا بالله अल्लाह के बिना कोई शक्ति और सामर्थ्य नहीं

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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