नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने मुझ से फरमाया : “मुझे क़ुरआन सुनाओ”

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है

स़ह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने मुझ से फरमाया : “मुझे क…

हदीस की व्याख्या: नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने मुझ से फरमाया : “मुझे क…

नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने अब्दुल्लाह बिन मसऊद रज़ियल्लाहु अन्हु से क़ुरआन में से कुछ सुनाने को कहा। उन्होंने कहा : ऐ अल्लाह के रसूल, मैं आपको कैसे सुनाऊँ, जबकि यह आप ही पर उतरा है?! तो आप सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया : मैं चाहता हूँ कि इसे अपने सिवा किसी और से सुनूँ। अतः, उन्होंने सूरा निसा का कुछ भाग पढ़ा, यहाँ तक कि जब अल्लाह तआला के इस कथन पर पहुँचे : {فَكَيْفَ إِذَا جِئْنَا مِنْ كُلِّ أُمَّةٍ بِشَهِيدٍ، وَجِئْنَا بِكَ عَلَى هَؤُلاَءِ شَهِيدًا}। अर्थात, आपका और आपकी उम्मत का क्या हाल होगा, जब हम आपको आपकी उम्मत पर इस बात का गवाह बनाकर लाएँगे कि आपने उन तक अपने रब का संदेश पहुँचा दिया था। तो नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया : अब पढ़ना रोक दो। इब्ने मसऊद रज़ियल्लाहु अन्हु ने कहा : मैंने आपकी ओर देखा, तो पाया कि उस स्थिति के भय और अपनी उम्मत पर दया के कारण आपकी दोनों आँखों से आँसू बह रहे थे।

सीख: नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने मुझ से फरमाया : “मुझे क…

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لا إله إلا الله अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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