इस्लाम > Hi > हदीस > पवतर करआन तथ उसस सबधत अनय वषय > रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम हमें हर हाल में क़ुरआन पढ़ाते थे, सिवाय जनाबत (अपवित्र…
ह़सन27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 1 मिनट पढ़ने का समयअल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम अपने सहाबा को हर हाल में क़ुरआन सिखाते और पढ़ाते थे, जब तक कि अपनी पत्नी से सहवास के कारण जनाबत (अशुद्धता) की हालत में न होते।
श्रेणियाँ : पवित्र क़ुरआन तथा उससे संबंधित अन्य विषय · क़ुरआन से संबंधित साधारण विषय · इबादतों पर आधारित फ़िक़्ह · तहारत (पवित्रता प्राप्त करना) · क़ुरआन तथा मुसहफ़ों से संबंधित अहकाम · क़ुरआन पढ़ने तथा उससे जुड़े लोगों के आदाब · फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह · ग़ुस्ल