जनाज़े को जल्दी ले चलो। क्योंकि यदि वह नेक है, तो तुम उसे भलाई की ओर बढ़ा रहे हो और यदि बु…
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हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है
स़ह़ीह़
27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
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हदीस का पाठ: जनाज़े को जल्दी ले चलो। क्योंकि यदि वह नेक है, तो तुम उ…
हदीस की व्याख्या: जनाज़े को जल्दी ले चलो। क्योंकि यदि वह नेक है, तो तुम उ…
अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने जनाज़े को तैयार करने, उसपर नमाज़ पढ़ने और उसे दफ़न करने में जल्दी करने का आदेश दिया है तथा कहा है कि अगर जनाज़ा किसी अच्छे इन्सान का है, तो तुम उसे भलाई यानी क़ब्र की नेमतों की ओर ले जा रहे हो और अगर अच्छे आदमी का नहीं है, तो अपने कंधे से एक बुरी चीज़ को उतार दोगे।
सीख: जनाज़े को जल्दी ले चलो। क्योंकि यदि वह नेक है, तो तुम उ…
- इब्न-ए-हजर कहते हैं : तेज़ चलना मुसतहब है। लेकिन इतना भी नहीं कि मैयत का कुछ नुक़सान हो जाए या कंधों पर उठाए हुए लोगों अथवा साथ चल रहे लोगों को परेशानी हो जाए।
- कफ़न-दफ़न में जल्दी उस समय नहीं की जाएगी, जब मृत्यु अचानक हो जाए तथा बेहोशी की आशंका हो। ऐसी अवस्था में मृत्यु हो गई है, यह बात निश्चित हो जाए, तभी कफ़न-दफ़न किया जाएगा। इसी प्रकार कुछ विशेष कारणों, जैसे नमाज़ियों की अधिक संख्या या रिश्तेदारों के उपस्थित होने आदि, के लिए थोड़ी-बहुत देर की जा सकती है, जब मृत शरीर के ख़राब होने का भय न हो।
- जनाज़ा अगर किसी सदाचारी व्यक्ति का है, तो उसके कफ़न-दफ़न में जल्दी करने की प्रेरणा ख़ुद उसके हित में है और अगर किसी दुराचारी व्यक्ति का है, तो फिर यह कफ़न दफ़न में लगे हुए लोगों के हित में है।
- नववी कहते हैं : इस हदीस से मालूम होता है कि इन्सान को दुराचारी लोगों की संगत से बचना चाहिए।
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मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
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