इस्लाम > Hi > हदीस > फकह तथ उसल ए फकह > ऐ अल्लाह के रसूल! मैंने जाहिलीयत के ज़माने में मन्नत मानी थी कि मैं मस्जिदे हराम में एक रा…
सह़ीह़27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 1 मिनट पढ़ने का समयعن عمر بن الخطاب رضي الله عنه قال: قلت: يا رسول الله، إني كنت نَذَرْتُ في الجَاهلية أن أعتكف ليلة -وفي رواية: يومًا- في المسجد الحرام ؟ قال: «فَأَوْفِ بِنَذْرِكَ».
उमर बिन खत्ताब -रज़ियल्लाहु अन्हु- ने जाहिलियत के युग में मस्जिदे हराम में एक रात एतेकाफ़ करने की मन्नत मानी थी। उन्होंने नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- से इस मन्नत के हुक्म के बारे पूछा, तो आपने मन्नत पूरी करने का आदेश दिया।
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