न रेशम पहनो और न दीबाज (मोटे रेशमी वस्त्र)। न सोने-चाँदी के बरतन में पियो और न उनकी थाली म…
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हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है
स़ह़ीह़
27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
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हदीस का पाठ: न रेशम पहनो और न दीबाज (मोटे रेशमी वस्त्र)। न सोने-चाँद…
हदीस की व्याख्या: न रेशम पहनो और न दीबाज (मोटे रेशमी वस्त्र)। न सोने-चाँद…
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने पुरुषों को हर प्रकार के रेश्मी वस्त्र पहनने से मना किया है। इसी तरह पुरुषों एवं स्त्रियों दोनों को सोने और चाँदी के बर्तनों में खाने और पीने से मना किया है। साथ ही बताया कि यह चीज़ें क़यामत के दिन विशेष रूप से ईमान वालों को नसीब होंगी। क्योंकि वे दुनिया में उनसे अल्लाह के आदेश का पालन करते हुए बचते रहे हैं। जबकि अविश्वासियों को आख़िरत में यह चीज़ें नसीब नहीं होंगी। क्योंकि वे सांसारिक जीवन में अल्लाह के आदेश की अवहेलना करते हुए इन चीज़ों का उपभोग कर लेते हैं।
सीख: न रेशम पहनो और न दीबाज (मोटे रेशमी वस्त्र)। न सोने-चाँद…
- पुरुषों पर रेशम और दीबाज के कपड़े हराम हैं और इनके वस्त्र पहनने वालों को बड़ी सख़्त चेतावनी दी गई है।
- स्त्रियों के लिए रेशम और दीबाज के कपड़े हलाल हैं।
- सोने और चाँदी की प्लेटों और बर्तनों में खाना और पीना मर्दों और औरतों दोनों पर हराम है।
- यहाँ हुज़ैफ़ा रज़ियल्लाहु अनहु ने बड़ी तीव्र प्रतिक्रिया दी और कारण यह बताया कि उन्होंने एक से अधिक बार सोने एवं चाँदी के बर्तन के प्रयोग से मना किया था, लेकिन वह अपनी हरकत से बाज़ नहीं आया।
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بسم الله الرحمن الرحيم
मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
سبحان الله
अल्लाह की पवित्रता है