जो लोग किसी सभा से अल्लाह का ज़िक्र किए बिना उठ जाते हैं, वे वैसे हैं जैसे मरे हुए गधे के …
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हदीस वर्णनकर्ता: इसे अबू दावूद ने रिवायत किया है
स़ह़ीह़
27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
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हदीस का पाठ: जो लोग किसी सभा से अल्लाह का ज़िक्र किए बिना उठ जाते है…
हदीस की व्याख्या: जो लोग किसी सभा से अल्लाह का ज़िक्र किए बिना उठ जाते है…
अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने बताया है कि जब कुछ लोग किसी जगह में बैठते हैं और अल्लाह का ज़िक्र किए बिना वहाँ से उठ खड़े होते हैं, तो वह उन लोगों की तरह होते हैं, जो किसी मरे हुए गंदे और बदबूदार गधे के शव के पास जमा हुए हों। कारण यह है कि वे बात में व्यस्त होकर अल्लाह के ज़िक्र से ग़ाफ़िल हो गए। ऐसी सभा क़यामत के दिन उनके लिए अफ़सोस, खेद और हानि का कारण सिद्ध होगी।
सीख: जो लोग किसी सभा से अल्लाह का ज़िक्र किए बिना उठ जाते है…
- अल्लाह के ज़िक्र को नज़रअंदाज़ करने के ख़िलाफ़ चेतावनी केवल सभाओं तक ही सीमित नहीं है, बल्कि दूसरी जगहें भी इसके दायरे में आती हैं। इमाम नववी कहते हैं : "किसी भी जगह बैठने वाले के लिए यह अप्रिय कार्य है कि वह अल्लाह का ज़िक्र किए बिना उस जगह को छोड़ दे।"
- क़यामत के दिन पछतावा और शर्मिंदगी या तो अल्लाह की इबादत में समय न बिताने के कारण सवाब और प्रतिफल से वंचित होने के कारण होगा, या अल्लाह की अवज्ञा के कार्यों में समय बिताने के कारण होने वाले गुनाह और दंड के कारण होगा।
- अगर जायज़ कामों में व्यस्त होकर अल्लाह के ज़िक्र से ग़ाफ़िल होने की वजह से यह चेतावनी है, तो उन हराम सभाओं का क्या, जिनमें ग़ीबत और चुग़लख़ोरी होती है।
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मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
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