इस्लाम > Hi > हदीस > फजलत तथ आदब > एक बंदे ने एक गुनाह किया और उसके बाद कहा : ऐ अल्लाह, मुझे मेरे गुनाह क्षमा कर दे
स़ह़ीह़27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 2 मिनट पढ़ने का समयعن أبي هريرة رضي الله عنه عَنِ النَّبِيِّ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ، فِيمَا يَحْكِي عَنْ رَبِّهِ عَزَّ وَجَلَّ، قَالَ: «أَذْنَبَ عَبْدٌ ذَنْبًا، فَقَالَ: اللَّهُمَّ اغْفِرْ لِي ذَنْبِي، فَقَالَ تَبَارَكَ وَتَعَالَى: أَذْنَبَ عَبْدِي ذَنْبًا، فَعَلِمَ أَنَّ لَهُ رَبًّا يَغْفِرُ الذَّنْبَ، وَيَأْخُذُ بِالذَّنْبِ، ثُمَّ عَادَ فَأَذْنَبَ، فَقَالَ: أَيْ رَبِّ اغْفِرْ لِي ذَنْبِي، فَقَالَ تَبَارَكَ وَتَعَالَى: عَبْدِي أَذْنَبَ ذَنْبًا، فَعَلِمَ أَنَّ لَهُ رَبًّا يَغْفِرُ الذَّنْبَ، وَيَأْخُذُ بِالذَّنْبِ، ثُمَّ عَادَ فَأَذْنَبَ، فَقَالَ: أَيْ رَبِّ اغْفِرْ لِي ذَنْبِي، فَقَالَ تَبَارَكَ وَتَعَالَى: أَذْنَبَ عَبْدِي ذَنْبًا، فَعَلِمَ أَنَّ لَهُ رَبًّا يَغْفِرُ الذَّنْبَ، وَيَأْخُذُ بِالذَّنْبِ، اعْمَلْ مَا شِئْتَ فَقَدْ غَفَرْتُ لَكَ».
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम अपने रब से रिवायत करते हुए कहते हैं कि बंदा जब कोई गुनाह कर बैठता है और उसके बाद कहता है कि ऐ मेरे अल्लाह! मुझे क्षमा कर दे! तो अल्लाह कहता है : मेरे बंदे ने गुनाह किया और उसका विश्वास है कि उसका रब है, जो गुनाह माफ़ करता है या उसका दंड देता है। अतः मैंने उसे माफ़ कर दिया। फिर जब बंदा दोबारा गुनाह करता है और कहता है कि ऐ मेरे रब! मुझे क्षमा कर दे, तो अल्लाह कहता है कि मेरे बंदे ने गुनाह किया और उसका विश्वास है कि उसका रब है, जो गुनाह माफ़ करता है या उसकी सज़ा देता है, अतः मैंने अपने बंदे को माफ़ कर दिया। जब बंदा फिर गुनाह करता है और कहता है कि ऐ मेरे रब! मुझे क्षमा कर दे, तो अल्लाह कहता है कि मेरे बंदे ने गुनाह किया और उसका विश्वास है कि उसका रब है, जो गुनाह माफ़ करता है या उसकी सज़ा देता है, अतः मैंने अपने बंदे को माफ़ कर दिया। अब वह जो चाहे करे, जब तक स्थिति यह हो कि हर बार गुनाह करने के बाद वह फ़ौरन गुनाह को छोड़ दे, शर्मिंदा हो और दोबारा गुनाह न करने का इरादा कर ले, लेकिन नफ़्स के बहकावे में आकर फिर गुनाह कर बैठे। जब तक यह स्थिति बनी रहे, यानी गुनाह करे और तौबा करे, तो मैं उसे माफ़ करता रहूँगा। क्योंकि तौबा पहले किए हुए गुनाहों को ख़त्म कर देती है।
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