ऐ अल्लाह! मैं तेरी शरण माँगता हूँ क़र्ज़ के बोझ तथा शत्रुओं के हावी होने और दुश्मनों के हँ…

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे नसई और अह़मद ने रिवायत किया है

स़ह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: ऐ अल्लाह! मैं तेरी शरण माँगता हूँ क़र्ज़ के बोझ तथा शत्…

हदीस की व्याख्या: ऐ अल्लाह! मैं तेरी शरण माँगता हूँ क़र्ज़ के बोझ तथा शत्…

अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने निम्नलिखित चीज़ों से अल्लाह की शरण माँही है :

1- यानी ऐ अल्लाह! मैं केवल तेरी शरण माँगता हूँ और तेरी पनाह में आता हूँ किसी और के शरण और पनाह में नहीं, क़र्ज़ के दबाव, बोझ, शोक एवं बेचैनी से। और मैं तुझसे अपने क़र्ज़ के चुकाने में सहायता माँगता हूँ।

2- शत्रु के प्रभुत्व और उसके हावी होने से तेरी शरण माँगता हूँ। मुझे उसके अत्याचार से बचा और उसपर विजयी बना।

3- तथा इस बात से तेरी शरण माँगता हूँ कि मुसलामानों पर ऐसी कोई विपत्ति आए कि दुश्मनों को हँसने का अवसर मिले।

सीख: ऐ अल्लाह! मैं तेरी शरण माँगता हूँ क़र्ज़ के बोझ तथा शत्…

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الله أكبر अल्लाह सबसे महान है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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