अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम सर्वाधिक जो दुआ करते थे वह यह है : “हे अल्लाह, हमा…

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है

स़ह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम सर्वाधिक जो दुआ…

عَنْ أَنَسٍ رضي الله عنه قَالَ: كَانَ أَكْثَرُ دُعَاءِ النَّبِيِّ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ: «اللَّهُمَّ رَبَّنَا آتِنَا فِي الدُّنْيَا حَسَنَةً، وَفِي الآخِرَةِ حَسَنَةً، وَقِنَا عَذَابَ النَّارِ».

हदीस की व्याख्या: अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम सर्वाधिक जो दुआ…

अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम अकसर सारगर्भित शब्दों में दुआ किया करते थे। मसलन एक दुआ देखें : "ऐ अल्लाह, हमारे रब, हमें दुनिया में भी भलाई प्रदान कर और आख़िरत में भी भलाई प्रदान कर और हमें जहन्नम के अज़ाब से बचा।" इस दुआ में जहाँ दुनिया की भलाई, जैसे प्रचुर मात्रा में हलाल रोज़ी, नेक पत्नी, आँख की ठंडक बनने वाली औलाद, सुकून, लाभकारी ज्ञान एवं सत्कर्म जैसी प्रिय एवं हलाल चीज़ें शामिल हैं, वहीं आख़िरत की भलाई जैसे क़ब्र, हश्र के मैदान और जहन्नम की यातनाओं से सुरक्षा, अल्लाह की प्रसन्नता की प्राप्ति, अनंत नेमतों की प्राप्ति एवं दयावान् अल्लाह की निकटता आदि चीज़ें भी शामिल हैं।

सीख: अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम सर्वाधिक जो दुआ…

श्रेणियाँ : दुआओं तथा अज़कार पर आधारित फ़िक़्ह · मासूर दुआएँ · फ़ज़ीलतें तथा आदाब

بسم الله الرحمن الرحيم मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
بدر पूर्णिमा दिन 16.6 / 29.5
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13 दिनों में अमावस्या
لا حول ولا قوة إلا بالله अल्लाह के बिना कोई शक्ति और सामर्थ्य नहीं

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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