इस्लाम > Hi > हदीस > फजलत तथ आदब > अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने बर्तन में साँस लेने या फूँक मारने से मना किया…
सह़ीह़27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 1 मिनट पढ़ने का समयعن ابن عباس رضي الله عنهما قال: «نهى رسول الله صلى الله عليه وسلم أنْ يُتَنَفَّسَ في الإناء، أو يُنْفَخَ فيه».
इस हदीस में खाने-पीने के शिष्टाचारों में से एक शिष्टाटार का बयान है। वह है, जिस बर्तन में खाना खाया या पिया जा रहा हो, उसमें साँस लेना या फूँक मारना। बर्तन में साँस लेने से मना इसलिए किया गया है कि इसके कई नुक़सान हैं। जैसे बर्तन का गंदा हो जाना और एक व्यक्ति के साँस लेने के बाद दूसरे को उससे पीने से घिन आना आदि। जैसा कि एक ही समय साँस लेने और पीने से दम भी घुट सकता है। अतः कुछ पीते समय बर्तन के बाहर तीन बार साँस लेना चाहिए। यह बात हदीस में आई है और यह अधिक अच्छा भी है। इस हदीस में खाने-पीने की चीज़ों में फूँक मारने से भी मना किया गया है। चाहे कारण कुछ भी हो। जैसे खाने का गर्म होना या कोई वस्तु हटाना आदि। यह मनाही इसलिए आई है, ताकि खाने-पीने की चीज़ों को थूक और मुँह की बदबू आदि की गंदगी से बचाया जा सके।
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