खाने-पीने के आदाब पर हदीसें

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«खाने-पीने के आदाब» पर 35 समझाई गई नबवी हदीसें: अरबी पाठ, अनुवाद, व्याख्या और सीख, प्रामाणिकता की डिग्री और स्रोतों के साथ।

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

खाने-पीने के आदाब पर हदीसों की सूची

सह़ीह़ अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने (खाने के बाद) उँगलियों तथा प्लेट को चाट लेने का आदेश दिया है तथा फ़रमाया है: तुम नहीं जानते कि भोजन के कि सह़ीह़ जब तुम में से कोई खाना खा चुके, तो अपना हाथ चाटे अथवा चटवाए बिना साफ़ किए। सह़ीह़ हर वह पेय पदार्थ हराम है, जिसमें नशा हो। सह़ीह़ शराब हराम की गई, वह पाँच वस्तुओं से बनती थीः अंगूर, खजूर, मधु, गेहूँ और जौ से। स़ह़ीह़ तुममें से कोई व्यक्ति पेशाब करते समय अपने लिंग को दाएँ हाथ से न पकड़े तथा दाएँ हाथ से इस्तिंजा (पेशाब-पाखाना से पवित्रता प्राप्त) न करे एवं कुछ पीते स स़ह़ीह़ एक व्यक्ति ने अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के पास बाएँ हाथ से खाना खाया, तो आपने कहा : "दाएँ हाथ से खा।" वह बोला : मैं इसकी ताक़त नहीं रखता। सह़ीह़ जब खाते समय अल्लाह का नाम न लिया जाए तो उस खाने में शैतान शामिल हो जाता है। वही इस बच्ची को लाया था, ताकि इसके माध्यम से खाने में शरीक हो जाए। अतः, मै सह़ीह़ देखो, यदि इसने बिस्मिल्लाह कहा होता तो यह खाना तुम्हारे लिए काफ़ी होता। ह़सन एक साथ जमा होकर खाओ और अल्लाह का नाम लो, तुम्हारे खाने में बरकत दी जाएगी। सह़ीह़ दो खुजूरों को एक साथ मुँह में न डालो, क्योंकि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने दो खुजूरों को एक साथ मुँह में डालने से मना किया है। फिर कहन सह़ीह़ यह व्यक्ति हमारे पीछे-पीछे आ गया है। तुम उसे अनुमति दो तो ठीक है, वरना वापस हो जाएगा। उसने कहाः अल्लाह के रसूल! बल्कि मैं उसे अनुमति देता हूँ। सह़ीह़ मैंने अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को देखा कि तीन उँगलियों से खाना खा रहे थे। जब खाना खा चुके तो उँगलियों को चाट लिया। दोनों रिवायतों को मिलाकर सह़ीह़ लोगों को पिलाने वाला सबसे अंत में पीता है। ह़सन मैंने अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को ज़मज़म का पानी पिलाया और आपने खड़े-खड़े पी लिया। सह़ीह़ अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के ज़माने में हम लोग चलते-फिरते खा लेते थे और खड़े होकर पी लेते थे। सह़ीह़ अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने कभी किसी खाने में ऐब नहीं निकाला। यदि इच्छा हुई, तो खाया और यदि इच्छा नहीं हुई, तो छोड़ दिया। सह़ीह़ तुममें से कोई हरगि़ज़ खड़े होकर न पिए। सह़ीह़ तुममें से कोई भी खड़े होकर न पिए, जो भूलवश ऐसा कर बैठे, वह उलटी कर दे। सह़ीह़ अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने मशक या घड़े में मुँह लगाकर पानी पीने से मना किया है। सह़ीह़ अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने मशकों का मुँह मोड़कर उनसे पानी पीने से मना किया है। सह़ीह़ नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने पी जाने वाली वस्तु में फूँक मारने से मना किया है। सह़ीह़ अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास कोई पीने की वस्तु लाई गई, तो आपने उसमें से पिया। उस समय आपकी दाएँ ओर एक बालक था। दोनों रिवायतों को मिलाकर सह़ीह़ अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) जब खाना खाते, तो अपनी तीनों उँगलियों को चाट लेते। स़ह़ीह़ निश्चय अल्लाह बंदे की इस बात से खुश होता है कि बंदा कुछ खाए तो उसपर अल्लाह की प्रशंसा करे और कुछ पिए तो उसपर अल्लाह की प्रशंसा करे। सह़ीह़ जब तुममें से किसी को दावत-ए-वलीमा के लिए बुलाया जाए, तो उसमें ज़रूर शरीक हो। सह़ीह़ सबसे बुरा खाना वलीमे का वह खाना है, जिसमें धनवानों को बुलाया जाए और निर्धनों को छोड़ दिया जाए और जिसने दावत छोड़ दी, उसने अल्लाह और उसके रसूल (सल्लल्ल सह़ीह़ मैं टेक लगाकर नहीं खाता। स़ह़ीह़ बच्चे, बिस्मिल्लाह पढ़ लिया करो, दाहिने हाथ से खाया करो और अपने सामने से खाया करो। सह़ीह़ बरकत खाने के बीच में उतरती है। अतः, उसके दोनों किनारों से खाओ, बीच से न खाओ। स़ह़ीह़ जब तुममें से कोई खाना खाए, तो अपने दाएँ हाथ से खाए और तुममें से कोई कुछ पिए तो अपने दाएँ हाथ से पिए। क्योंकि शैतान अपने बाएँ हाथ से खाता और बाएँ हाथ स सह़ीह़ अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने बर्तन में साँस लेने या फूँक मारने से मना किया है। सह़ीह़ अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के लिए चमड़े के बर्तन में किशमिश की नबीज़ बनाई जाती थी, जिसे आप उस दिन तथा दूसरे और तीसरे दिन पीते थे। जब ती सह़ीह़ दो आदमी का खाना तीन आदमी के लिए काफ़ी है और तीन आदमी का खाना चार आदमी के लिए काफ़ी है। इसकी सनद ह़सन है। मैं अनस बिन मालिक -अल्लाह उनसे प्रसन्न हो- के साथ कुछ मजूसियों के पास बैठा हुआ था कि चाँदी के एक बर्तन में फालूदा लाया गया, तो उन्होंने नहीं खाया। सह़ीह़ बर्तनों को ढाँप दो, मशक़ीज़ों के मुख बांध दो और दरवाज़े बंद कर दो तथा चिराग़ बुझा दो, क्योंकि शैतान मशकीज़ों के बंधन खोल नहीं सकता और न ही दरवाज़े खोल
بسم الله الرحمن الرحيم मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
بدر पूर्णिमा दिन 16.6 / 29.5
रोशनी 96%
13 दिनों में अमावस्या
حسبنا الله ونعم الوكيل अल्लाह हमारे लिए काफी है, कितना अच्छा रक्षक है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

पैग़ंबर पर दुरूद