बरकत खाने के बीच में उतरती है। अतः, उसके दोनों किनारों से खाओ, बीच से न खाओ।

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे इब्ने माजा ने रिवायत किया है । - इसे तिर्मिज़ी ने रिवायत किया है। - इसे अबू दाऊद ने रिवायत किया है। - इसे अह़मद ने रिवायत किया है। - इसे दारिमी ने रिवायत किया है।

सह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: बरकत खाने के बीच में उतरती है। अतः, उसके दोनों किनारों…

عن ابن عباس رضي الله عنهما أن النبي صلى الله عليه وسلم قال: «البَرَكة تنْزِلُ وَسَطَ الطَّعام، فَكُلُوا مِن حافَّتَيْه، ولا تأكلوا مِنْ وَسَطِه».

हदीस की व्याख्या: बरकत खाने के बीच में उतरती है। अतः, उसके दोनों किनारों…

श्रेणियाँ : शरई आदाब · खाने-पीने के आदाब · फ़ज़ीलतें तथा आदाब

بسم الله الرحمن الرحيم मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
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13 दिनों में अमावस्या
لا حول ولا قوة إلا بالله अल्लाह के बिना कोई शक्ति और सामर्थ्य नहीं

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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