समस्त इंसानों के दिल, रहमान (अल्लाह) की दो उँगलियों के बीच एक दिल की तरह हैं कि वह उसे जिस…
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हदीस वर्णनकर्ता: इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है
स़ह़ीह़
27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
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हदीस का पाठ: समस्त इंसानों के दिल, रहमान (अल्लाह) की दो उँगलियों के…
हदीस की व्याख्या: समस्त इंसानों के दिल, रहमान (अल्लाह) की दो उँगलियों के…
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने बताया है कि आदम की संतानों के दिल दयावान् अल्लाह की उंगलियों में से दो उंगलियों के बीच एक ही दिल की तरह हैं। वह उन्हें जैसे चाहता है, फेरता है। अगर चाहे तो सत्य पर क़ायम रखता है और चाहे तो सत्य से दूर हटा देता है। उसके लिए तमाम दिलों को उलटना-पलटना एक ही दिल को उलटने-पलटने जैसा है। उसके लिए कोई व्यस्तता दूसरी व्यस्तता से बाधा नहीं बनती। फिर अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने दुआ फ़रमाते हुए कहा : ऐ अल्लाह! दिलों को कभी भलाई की ओर, कभी बुराई की ओर और कभी ज़िक्र और कभी ग़फलत की ओर फेरने वाले! हमारे दिलों को अपने आज्ञापालन की ओर फेर दे।
सीख: समस्त इंसानों के दिल, रहमान (अल्लाह) की दो उँगलियों के…
- तक़दीर का सबूत। अल्लाह बंदों के दिलों को उनकी लिखी हुई तक़दीर के अनुसार अलग-अलग दिशाओं में लगा देता है।
- एक मुसलमान को सदा अपने पालनहार से सत्य के मार्ग पर क़ायम रखने की दुआ करते रहना चाहिए।
- केवल एक अल्लाह से डरना चाहिए और उसी से आशा रखनी चाहिए।
- आजुर्री कहते हैं : सत्यवादी मुसलमान सर्वशक्तिमान एवं महान अल्लाह के वही गुण बयान करते हैं, जो ख़ुद अल्लाह ने, उसके रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने और सहाबा ने बयान किए हैं। यही सुन्नत का अनुसरण करने और बिदअत से दूर रहने वाले मुस्लिम विद्वानों का मार्ग हैै। अह्ल-ए-सुन्नत अल्लाह के उन नामों तथा गुणों को, उनके साथ छेड़छाड़ किए बिना, उन्हें अर्थहीन किए बिना, उनकी कैफ़ियत बताए बिना और मिसाल दिए बिना, सिद्ध करते हैं, जिन्हें ख़ुद अल्लाह ने सिद्ध किए हैं। इस विषय में उन बातों का इनकार करते हैं, जिनका इनकार ख़ुद अल्लाह ने किया है और जिन चीज़ों के बारे में शरीयत में कोई उल्लेख न हो, उनके बारे में ख़ामोश रहते हैं। उच्च एवं महान अल्लाह ने कहा है : {لَيْسَ كَمِثْلِهِ شَيْءٌ وَهُوَ السَّمِيعُ الْبَصِيرُ} (अल्लाह के जैसी कोई चीज़ नहीं है। वह सब कुछ सुनने वाला, देखने वाला है।)
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