अब्दुर रहमान बिन अबू बक्र सिद्दीक़- रज़ियल्लाहु अन्हुमा- अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व…

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी ने रिवायत किया है।

सह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: अब्दुर रहमान बिन अबू बक्र सिद्दीक़- रज़ियल्लाहु अन्हुमा…

عن عائشة رضي الله عنها قالت: ((دخل عبد الرحمن بن أبي بكر الصديق رضي الله عنهما على النبي صلى الله عليه وسلم وأنا مُسْنِدَتُه إلى صدري، ومع عبد الرحمن سِواك رَطْب يَسْتَنُّ به، فأَبَدَّه رسول الله صلى الله عليه وسلم بَصَره، فَأَخَذْتُ السِّوَاك فَقَضَمتُه، فَطَيَّبتُه، ثُمَّ دَفَعتُهُ إلى النبي صلى الله عليه وسلم فَاسْتَنَّ به فما رأيتُ رسول الله صلى الله عليه وسلم استَنَّ اسْتِنَانًا أَحسَنَ منه، فَما عَدَا أن فَرَغَ رسول الله صلى الله عليه وسلم : رَفَع يَدَه -أو إصبعه-، ثم قال: في الرفيق الأعلى -ثلاثا- ثمَّ قَضَى، وكَانت تقول: مَاتَ بَينَ حَاقِنَتِي وَذَاقِنَتِي)).

हदीस की व्याख्या: अब्दुर रहमान बिन अबू बक्र सिद्दीक़- रज़ियल्लाहु अन्हुमा…

आइशा -रज़ियल्लाहु अनहा- ने एक घटना सुनाई है, जो नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के मिसवाक से प्रेम को स्पष्ट करती है। घटना यह है कि आइशा -रज़ियल्लाहु अनहा- के भाई अब्दुर्रहमान बिन अबू बक्र नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के पास एक ताज़ा मिसवाक से दाँत रगड़ते हुए उस समय आए, जब आप मृत्युशय्या पर थे।

जब नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने अब्दुुुुर्रहमान के हाथ में मिसवाक देखा, तो बीमारी तथा मृत्यु के कष्ट के बावजूद उसका प्रेम हावी हो गया। उसकी ओर ऐसे देखने लगे, जैसे उसकी चाहत रखते हों। आइशा -रज़ियल्लाहु अनहा- इस बात को समझ गईं। उन्होंने अपने भाई से मिसवाक लेकर उसके सिरे को अपने दाँतों से काटकर साफ़ एवं नर्म बनाया। फिर नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- को दे दिया और आपने मिसवाक किया।

आइशा -रज़ियल्लाहु अनहा- कहती हैं कि उन्होंने आपको इससे अच्छे अंदाज़ में मिसवाक करते हुए कभी नहीं देखा था।

जब आप मिसवाक कर चुके, तो अल्लाह के एक होने का एलान करते हुए और अपने रब की ओर प्रस्थान को चुनते हुए अपनी उँगली उठाई और चल बसे।

आइशा -रज़ियल्लाहु अनहा- को इस बात पर गर्व था कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने उनके सीने पर सर रखकर अंतिम साँस ली और सच्चाई यह है कि उन्हें इस बात का अधिकार भी है।

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الله أكبر अल्लाह सबसे महान है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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