जब नमाज़ खड़ी हो जाए और रात का खाना हाज़िर हो, तो पहले खाना खा लो।

इस्लाम > Hi > हदीस > फकह तथ उसल ए फकह > जब नमाज़ खड़ी हो जाए और रात का खाना हाज़िर हो, तो पहले खाना खा लो।

हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने तमाम रिवायतों के साथ नक़ल किया है।

सह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

📖 1 मिनट पढ़ने का समय

हदीस का पाठ: जब नमाज़ खड़ी हो जाए और रात का खाना हाज़िर हो, तो पहले…

عن عائشة وعبد الله بن عمر وأنس بن مالك رضي الله عنهم مرفوعاً: «إِذَا أُقِيمَت الصَّلاَة، وحَضَرَ العَشَاء، فَابْدَءُوا بِالعَشَاء».

हदीस की व्याख्या: जब नमाज़ खड़ी हो जाए और रात का खाना हाज़िर हो, तो पहले…

जब नमाज़ खड़ी हो जाए और खाने या पीने की चीज़ सामने उपस्थित हो, तो पहले खाने-पीने से फ़ारिग हो जाना चाहिए। ताकि भूख-प्यास की शिद्दत ख़त्म हो जाए और नमाज़ पढ़ते समय नमाज़ी का ध्यान खाने की ओर न जाए, बल्कि वह एकाग्र होकर नमाज़ पढ़ सके। लेकिन इसके लिए शर्त यह है कि नमाज़ का वक्त तंग न हो तथा भूख लगी हुई हो। इस हदीस से पता चलता है कि हमारी शरीयत एक संपूर्ण शरीयत है और उसने आसानी तथा उदारता के साथ-साथ प्राण के अधिकार का भी ख़याल रखा है।

श्रेणियाँ : इबादतों पर आधारित फ़िक़्ह · नमाज़ · फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह · अज़ान तथा इक़ामत

بسم الله الرحمن الرحيم मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
بدر पूर्णिमा दिन 16.6 / 29.5
रोशनी 96%
13 दिनों में अमावस्या
لا حول ولا قوة إلا بالله अल्लाह के बिना कोई शक्ति और सामर्थ्य नहीं

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

पैग़ंबर पर दुरूद