ऐ अल्लाह, मेरी क़ब्र को बुत न बनने देना

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे अह़मद ने रिवायत किया है

स़ह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: ऐ अल्लाह, मेरी क़ब्र को बुत न बनने देना

عن أبي هريرة رضي الله عنه عن النبي صلى الله عليه وسلم: «اللهُمَّ لَا تَجْعَلْ قَبْرِي وَثَنًا، لَعَنَ اللهُ قَوْمًا اتَّخَذُوا قُبُورَ أَنْبِيَائِهِمْ مَسَاجِدَ».

हदीस की व्याख्या: ऐ अल्लाह, मेरी क़ब्र को बुत न बनने देना

अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने अपने रब से दुआ की है कि आपकी क़ब्र को बुत न बनने दे कि लोग उसका सम्मान करके और उसकी ओर मुँह करके सजदा करके उसकी इबादत करने लगें। फिर आपने बताया कि अल्लाह ने उन लोगों को अपनी रहमत से दूर कर दिया है, जिन्होंने अपने नबियों की क़ब्रों को मस्जिद बना डाला। क्योंकि उनको मस्जिद बनाना उनकी इबादत करने तथा उनके साथ आस्था स्थापित करने का कारण है।

सीख: ऐ अल्लाह, मेरी क़ब्र को बुत न बनने देना

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الثلاثاء 15 جمادى الأولى
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سبحان الله وبحمده अल्लाह की महिमा और स्तुति है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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