इस्लाम > Hi > हदीस > आहवन एव भलई क आदश दन तथ बरई स रकन क परबध करन > ऐ अबूज़र, तुम एक दुर्बल व्यक्ति हो और यह पद एक अमानत है और यह क़यामत के दिन अपमान तथा शर्म…
सह़ीह़27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 1 मिनट पढ़ने का समयعن أبي ذر رضي الله عنه قال: قُلتُ: يَا رسُولَ الله، أَلاَ تَسْتَعْمِلُنِي؟ فَضَرَبَ بِيَدِهِ عَلَى مَنْكِبِي، ثُمَّ قَالَ: «يَا أَبَا ذَرٍّ، إِنَّكَ ضَعِيفٌ، وَإِنَّهَا أَمَانَةٌ، وَإِنَّهَا يَوْمَ القِيَامَةِ خِزيٌ وَنَدَامَةٌ، إِلاَّ مَنْ أَخَذَهَا بِحَقِّهَا، وَأَدَّى الَّذِي عَلَيهِ فِيهَا».
श्रेणियाँ : शरई राजनीति · इमाम (शासनाध्यक्ष) के चयन के तरीक़े · इमामत-ए-कुबरा (शासनाध्यक्ष का पद संभालने) की शर्तें · आह्वान एवं भलाई का आदेश देने तथा बुराई से रोकने का प्रबंध करना