इस्लाम > Hi > हदीस > आहवन एव भलई क आदश दन तथ बरई स रकन क परबध करन > सब्र से काम लो। क्योंकि हर बाद में आने वाला समय पहले वाले के मुक़ाबले में बुरा होगा, यहाँ …
सह़ीह़27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 1 मिनट पढ़ने का समयعن الزبير بن عدي، قال: أَتَيْنَا أنسَ بنَ مَالِكٍ رضي الله عنه فَشَكَوْنَا إليه ما نَلْقَى من الحَجَّاجِ، فقال: «اصْبِرُوا، فإنه لا يأتي زمانٌ إلا والذي بعده شَرٌّ منه حَتَّى تَلْقَوا رَبَّكُم» سمعتُه من نَبِيِّكُم صلى الله عليه وسلم .
ज़ुबैर बिन अदी कुछ लोगों के साथ अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के सेवक अनस बिन मालिक -रज़ियल्लाहु अनहु- के पास आए और उमवी काल के एक क्रूर गवर्नर हज्जाज बिन यूसुफ़ के अत्याचार की शिकायत की, जो अत्याचार एवं रक्तपात के लिए जाना जाता था, तो अनस -रज़ियल्लाहु अनहु- ने उनको शासकों के अत्याचार पर धैर्य रखने का आदेश दिया और बताया कि लोगों पर गुज़रने वाले किसी भी समय से उसके बाद का समय अधिक बुरा होगा, यहाँ तक वे अपने रब से जा मिलें। साथ ही यह भी बताया कि उन्होंने यह बात अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- से सुनी है।
याद रहे कि यहाँ बुरा से मुराद सामान्य एवं आम बुरा नहीं है, क्योंकि कभी ऐसा भी होता है कि कुछ स्थानों में बुरा हो और कुछ अन्य स्थानों में अच्छा।
श्रेणियाँ : शरई राजनीति · इमाम (शासनाध्यक्ष) के विरुद्ध विद्रोह · आह्वान एवं भलाई का आदेश देने तथा बुराई से रोकने का प्रबंध करना