तुम (अपने शासकों की बात) सुनो और अनुसरण करो, कठिन परिस्थिति में भी तथा आसान परिस्थिति में …

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है।

सह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: तुम (अपने शासकों की बात) सुनो और अनुसरण करो, कठिन परिस्…

عن أبي هريرة رضي الله عنه قال: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم : «عليك السمع والطاعة في عُسْرِكَ ويُسرك، ومَنْشَطِكَ ومَكْرَهِكَ، وأثَرَة ٍعليك».

हदीस की व्याख्या: तुम (अपने शासकों की बात) सुनो और अनुसरण करो, कठिन परिस्…

इस हदीस में बताया गया है कि एक मुसलमान पर हर हाल में शासकों की बात मानना और उनके अदेशों का पालन करना ज़रूरी है, जब तक उसे किसी गुनाह या ऐसी बात का पाबंद न बनाया जाए, जिसके पालन की वह क्षमता न रखता हो, यद्यपि उसे इसमें कभी-कभी कठिनाई का भी सामना करना पड़े या उसके कुछ अधिकार नष्ट हो जाएँ। दरअसल ऐसा उसे साधारण हित को व्यक्तिगत हित पर आगे रखते हुए करना चाहिए।

श्रेणियाँ : शरई राजनीति · जनता पर इमाम (शासनाध्यक्ष) का अधिकार · आह्वान एवं भलाई का आदेश देने तथा बुराई से रोकने का प्रबंध करना

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13 दिनों में अमावस्या
سبحان الله अल्लाह की पवित्रता है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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