इस्लाम > Hi > हदीस > आहवन एव भलई क आदश दन तथ बरई स रकन क परबध करन > आदमी के हर एक जोड़ पर, हर रोज़ जिसमें सूरज निकलता है, सदक़ा है।
स़ह़ीह़27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 1 मिनट पढ़ने का समयعَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ قَالَ: قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ: «كُلُّ سُلَامَى مِنَ النَّاسِ عَلَيْهِ صَدَقَةٌ، كُلَّ يَوْمٍ تَطْلُعُ فِيهِ الشَّمْسُ تَعْدِلُ بَيْنَ الِاثْنَيْنِ صَدَقَةٌ، وَتُعِينُ الرَّجُلَ فِي دَابَّتِهِ فَتَحْمِلُهُ عَلَيْهَا أَوْ تَرْفَعُ لَهُ عَلَيْهَا مَتَاعَهُ صَدَقَةٌ، وَالكَلِمَةُ الطَّيِّبَةُ صَدَقَةٌ، وَكُلُّ خُطْوَةٍ تَمْشِيهَا إِلَى الصَّلَاةِ صَدَقَةٌ، وَتُمِيطُ الأَذَى عَنِ الطَّرِيقِ صَدَقَةٌ».
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने बताया है कि शरीयत का पालन करने पर बाध्य हर मुसलमान को प्रत्येक दिन उसकी हड्डी के हर जोड़ के बदले में एक एक नफ़ली सदक़ा इस बात के शुक्र के तौर पर करना है कि उसने उसे स्वस्थ आकार दिया और उसकी हड्डियों के जोड़ बनाए, जिनके कारण शरीर के अंगों को फैलाना और समेटना संभव हो सका। यह सदक़ा सभी प्रकार के नकी के कामों से अदा हो सकता है। ज़रूरी नहीं है कि धन ही खर्च किया जाए। जैसे : दो झगड़ रहे व्यक्तियों के बीच न्याय के साथ निर्णय करना और सुलह करा देना सदक़ा है। किसी ऐसे व्यक्ति को, जो सवारी पर चढ़ न पा रहा हो, सवारी पर चढ़ा देना या उसका सामान लाद देना सदक़ा है। अच्छी बात, जैसे ज़िक्र, दुआ और सलाम आदि सदक़ा हैं। नमाज़ के लिए जाते समय उठने वाला हर क़दम सदक़ा है। रास्ते से किसी कष्ट देने वाली वस्तु को हटा देना सदक़ा है।
श्रेणियाँ : अल्लाह की ओर बुलाना · इस्लाम की विशिष्टता तथा गुण · आह्वान एवं भलाई का आदेश देने तथा बुराई से रोकने का प्रबंध करना