इस्लाम > Hi > हदीस > अकद > लेकिन किस बात पर बैअत करें? फ़रमाया : "इस बात पर कि केवल अल्लाह की इबादत करोगे, किसी को उस…
स़ह़ीह़27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 1 मिनट पढ़ने का समयعَنْ أَبِي مُسْلِمٍ الْخَوْلَانِيِّ، قَالَ: حَدَّثَنِي الْحَبِيبُ الْأَمِينُ، أَمَّا هُوَ فَحَبِيبٌ إِلَيَّ، وَأَمَّا هُوَ عِنْدِي فَأَمِينٌ، عَوْفُ بْنُ مَالِكٍ الْأَشْجَعِيُّ رضي الله عنه قَالَ: كُنَّا عِنْدَ رَسُولِ اللهِ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ، تِسْعَةً أَوْ ثَمَانِيَةً أَوْ سَبْعَةً، فَقَالَ: «أَلَا تُبَايِعُونَ رَسُولَ اللهِ؟» وَكُنَّا حَدِيثَ عَهْدٍ بِبَيْعَةٍ، فَقُلْنَا: قَدْ بَايَعْنَاكَ يَا رَسُولَ اللهِ، ثُمَّ قَالَ: «أَلَا تُبَايِعُونَ رَسُولَ اللهِ؟» فَقُلْنَا: قَدْ بَايَعْنَاكَ يَا رَسُولَ اللهِ، ثُمَّ قَالَ: «أَلَا تُبَايِعُونَ رَسُولَ اللهِ؟» قَالَ: فَبَسَطْنَا أَيْدِيَنَا وَقُلْنَا: قَدْ بَايَعْنَاكَ يَا رَسُولَ اللهِ، فَعَلَامَ نُبَايِعُكَ؟ قَالَ: «عَلَى أَنْ تَعْبُدُوا اللهَ وَلَا تُشْرِكُوا بِهِ شَيْئًا، وَالصَّلَوَاتِ الْخَمْسِ، وَتُطِيعُوا -وَأَسَرَّ كَلِمَةً خَفِيَّةً- وَلَا تَسْأَلُوا النَّاسَ شَيْئًا» فَلَقَدْ رَأَيْتُ بَعْضَ أُولَئِكَ النَّفَرِ يَسْقُطُ سَوْطُ أَحَدِهِمْ، فَمَا يَسْأَلُ أَحَدًا يُنَاوِلُهُ إِيَّاهُ.
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम कुछ सहाबा के साथ मौजूद थे कि इसी बीच आप ने उनसे तीन बार बैअत करने और कुछ बातों का वचन देने को कहा, जो इस प्रकार हैं :
1- एक अल्लाह की इबादत करना और किसी को उसका साझी न बनाना। इबादत का मतलब अल्लाह के आदेशों का पालन करना और उसकी मना की हुई चीज़ों से दूर रहना है।
2- दिन एवं रात में पाँच फ़र्ज़ नमाज़ें अदा करना।
3- मुसलमानों के शासकों के ऐसे आदेशों का पालन करना, जो इस्लामी शिक्षाओं से न टकराते हों।
4- ज़रूरत की सारी चीज़ें अल्लाह से माँगना और लोगों के सामने हाथ फैलाने से बचना। यह बात अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने धीमी आवाज़ में कही।
सहाबा ने जिन बातों पर अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम से बैअत की थी, उनपर इस तरह अमल करके दिखाया कि हदीस के वर्णनकर्ता का कहना है : उन सहाबा में से कुछ लोगों का हाल मैंने यह देखा कि उनका कोड़ा गिर जाता, तो उसे भी किसी से उठाकर देने के लिए न कहते। ख़ुद सवारी से उतरकर उठा लेते।
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