अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्ल- ने किसी फैसले के लिए रिश्वत लेने वाले तथा देने वा…
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हदीस वर्णनकर्ता: इसे तिर्मिज़ी और अह़मद ने रिवायत किया है
स़ह़ीह़
27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
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हदीस का पाठ: अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्ल- ने किसी फैसले…
عن أبي هريرة رضي الله عنه قال: لَعَنَ رَسُولُ اللهِ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ الرَّاشِيَ وَالْمُرْتَشِيَ فِي الْحُكْمِ.
हदीस की व्याख्या: अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्ल- ने किसी फैसले…
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने रिश्वत देने और लेने वाले के हक़ में अल्लाह की रहमत से धुतकारे और दूर किए जाने की बद-दुआ की है।
इसके दायरे में न्यायाधीशों को दिया जाने वाला वह घूस भी शामिल है, जो उनसे ग़लत तरीक़े से काम करवाने के लिए उनको दिया जाता है।
सीख: अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्ल- ने किसी फैसले…
- रिश्वत देना, लेना, इसके लेने-देने में मध्यस्थ की भूमिका निभाना और इसमें मदद करना हराम है। क्योंकि यह ग़लत कार्य में सहयोग करन है।
- रिश्वत देना और लेना कबीरा गुनाह है, क्योंकि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने रिश्वत देने तथा लेने वाले पर लानत की है।
- न्याय तथा प्रशासन से संबंधित मामलों में रिश्वत लेना और देना अधिक बड़ा अपराध एवं पाप है। क्योंकि यह अत्याचार तथा अल्लाह की उतारी हुई शरीयत से हटकर निर्णय देना है।
श्रेणियाँ :
क़ज़ा (कोई शरई हुक्म, उसपर अमल करने की अनिवार्यता के साथ, बताना)
· क़ाज़ी के आदाब
· फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह
بسم الله الرحمن الرحيم
मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
لا حول ولا قوة إلا بالله
अल्लाह के बिना कोई शक्ति और सामर्थ्य नहीं