क़ज़ा (कोई शरई हुक्म, उसपर अमल करने की अनिवार्यता के साथ, बताना) पर हदीसें

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«क़ज़ा (कोई शरई हुक्म, उसपर अमल करने की अनिवार्यता के साथ, बताना)» पर 14 समझाई गई नबवी हदीसें: अरबी पाठ, अनुवाद, व्याख्या और सीख, प्रामाणिकता की डिग्री और स्रोतों के साथ।

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

क़ज़ा (कोई शरई हुक्म, उसपर अमल करने की अनिवार्यता के साथ, बताना) पर हदीसों की सूची

सह़ीह़ अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने अपने कमरे के द्वार पर झगड़ने वालों की आवाज़ सुनी स़ह़ीह़ जिसने किसी मुसलमान का माल हड़पने के लिए झूठी क़सम खाई, वह अल्लाह से इस हाल में मिलेगा कि अल्लाह उससे सख़्त क्रोधित होगा। सह़ीह़ कोई भी व्यक्ति गुस्से की हालत में दो व्यक्तियों के बीच निर्णय नहीं करेगा सह़ीह़ एक व्यक्ति ने दूसरे व्यक्ति से जायदाद खरीदी। फिर ख़रीदने वाले ने उसमें एक सोने का घड़ा पाया। सह़ीह़ दो औरतें थीं। साथ में उनके बच्चे भी थे। इतने में भेड़िया आया और उनमें से एक के बच्चे को ले भागा। स़ह़ीह़ अगर लोगों को उनके दावों के आधार पर दे दिया जाए तो कुछ लोग, लोगों की जान और माल तक का दावा करने लगें। लेकिन, दावा करने वाले को प्रमाण देना है और इनकार सह़ीह़ जब कोई निर्णयकारी निर्णय करते समय सही निर्णय तक पहुँचने का पूरा प्रयास करता है और सही निर्णय देने में सफल हो जाता है, तो उसे दो नेकियाँ मिलती हैं और ज स़ह़ीह़ अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्ल- ने किसी फैसले के लिए रिश्वत लेने वाले तथा देने वाले दोनों के ऊपर लानत भेजी है। सह़ीह़ क्या मैं तुमको न बताऊँ कि सबसे अच्छा गवाही देने वाला कौन है? वह व्यक्ति जो पूछे जाने से पहले ही गवाही दे। सह़ीह़ शहरी के लिए देहाती की गवाही जायज़ नहीं। सह़ीह़ अल्लाह के रसूल - सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम - ने क़सम तथा एक गवाह के आधार पर फै़सला फ़रमाया। सह़ीह़ नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने कुछ लोगों को क़सम खाने को कहा, तो सब लोग क़सम खाने की होड़ में लग गए। इसलिए आपने आदेश दिया कि उनके बीच क़ुरआ अंदाज़ी सह़ीह़ जो व्यक्ति मेरे इस मिंबर के पास कोई झूठी क़सम खाएगा, चाहे एक हरे मिसवाक के लिए ही क्यों न हो, वह अपना ठिकाना जहन्नम में बना ले। ह़सन अगर लोगों को उनके दावों के आधार पर दे दिया जाए तो कुछ लोग, लोगों की जान और माल तक का दावा करने लगें। लेकिन, दावा करने वाले को प्रमाण देना है और इनकार
بسم الله الرحمن الرحيم मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
بدر पूर्णिमा दिन 16.5 / 29.5
रोशनी 97%
13 दिनों में अमावस्या
لا إله إلا الله अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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