यह धर्म वहाँ तक ज़रूर पहुँचेगा, जहाँ दिन और रात पहुँचती है। अल्लाह किसी नगर तथा गाँव और दे…

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे अह़मद ने रिवायत किया है

स़ह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: यह धर्म वहाँ तक ज़रूर पहुँचेगा, जहाँ दिन और रात पहुँचती…

हदीस की व्याख्या: यह धर्म वहाँ तक ज़रूर पहुँचेगा, जहाँ दिन और रात पहुँचती…

अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम बता रहे हैं कि यह दीन धरती के सभी भागों में फैल जाएगा। जहाँ भी दिन और रात का सिलसिला है, वहाँ यह दीन पहुँच जाएगा। शहर, गाँव, देहात और रेगिस्तान का ऐसा कोई घर नहीं रहेगा, जहाँ यह दीन पहुँच न जाए। ऐसे में जो इस दीन को ग्रहण करेगा और उसपर विश्वास रखेगा, वह इस्लाम के सम्मान की बरकत से सम्मानित ठहरेगा। इसके विपरीत जो उसे ठुकरा देगा, वह अपमानित होगा।

फिर सहाबी तमीम दारी रज़ियल्लाहु अनहु कहते हैं कि अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की बताई हुई इस बात का अनुभव उन्हें खुद अपने परिवार में हुआ। जो मुसलमान हो गए, उनको सम्मान मिला और जिन्होंने इस्लाम को ठुकरा दिया, उनको अपमान का सामना करना पड़ा। उन्हें मुसलमानों को जो धन देना पड़ता है, वह इसके अतिरिक्त है।

सीख: यह धर्म वहाँ तक ज़रूर पहुँचेगा, जहाँ दिन और रात पहुँचती…

श्रेणियाँ : अक़ीदा · अंतिम दिवस पर ईमान · क़यामत की निशानयाँ

بسم الله الرحمن الرحيم मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
بدر पूर्णिमा दिन 16.6 / 29.5
रोशनी 96%
13 दिनों में अमावस्या
الحمد لله अल्लाह की सारी प्रशंसा है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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