हम लोग हज्जतुल वदा के बारे में बात कर रहे थे और नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) हमारे बीच म…

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।

सह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: हम लोग हज्जतुल वदा के बारे में बात कर रहे थे और नबी (सल…

عن ابن عمر رضي الله عنهما ، قال: كنا نتحدث عن حَجَّةِ الوداع، والنبي صلى الله عليه وسلم بين أظهرنا، ولا ندري ما حَجَّةُ الوداع حتى حمد اللهَ رسولُ الله صلى الله عليه وسلم وأثنى عليه، ثم ذكر المَسِيحَ الدَّجَالَ، فأَطْنَبَ في ذكره، وقال: «ما بعث الله من نبي إلا أَنْذَرَهُ أُمَّتَهُ، أنذره نوح والنبيون من بعده، وإنه إن يخرج فيكم فما خَفِيَ عليكم من شأنه فليس يخفى عليكم، إن ربكم ليس بأَعْوَرَ، وإنه أَعْوَرُ عَيْنِ اليُمْنَى، كأنَّ عينه عِنَبَةٌ طَافِيَةٌ. ألا إن الله حرم عليكم دماءكم وأموالكم كحُرْمَةِ يومكم هذا، في بلدكم هذا، في شهركم هذا، ألا هل بلغت؟» قالوا: نعم، قال: «اللهم اشهد» ثلاثا «ويلكم - أو ويحكم -، انظروا: لا ترجعوا بعدي كُفَّارًا يضرب بعضكم رِقَابَ بعض».

हदीस की व्याख्या: हम लोग हज्जतुल वदा के बारे में बात कर रहे थे और नबी (सल…

अब्दुल्लाह बिन उमर -रज़ियल्लाहु अनहुमा- कहते हैं कि अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के जीवन काल ही में हम कहा करते थे कि हज्जतुल वदा क्या है? हम जानते ही नहीं थे कि हज्जतुल वदा क्या है। याद रहे कि हज्जतुल वदा वह हज है, जो अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने सन 10 हिजरी में किया था और जिसमें लोगों को अल-वदा कहने के साथ-साथ काना दज्जाल का उल्लेख किया था, उसके फ़ितने की भयावहता से अवगत किया था, उससे बहुत ज़्यादा डराया था और बताया था कि सारे नबीगण अपनी जातियों को दज्जाल से सावधान करते आए हैं, उससे डराते रहे हैं और उसकी भयावहता का उल्लेख करते आए हैं।

उसे पहचानना तुम्हारे लिए कठिन नहीं होगा। क्योंकि तुम्हारा प्रभु काना नहीं है और वह दाएँ आँख का काना होगा। उसकी आँख उभरे हुए अंगूर की तरह होगी।

इसके बाद अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया : अल्लाह ने तुमपर अपने किसी भाई का रक्त बहाने और नाहक़ किसी मुसलमान का धन ले लेने को उसी प्रकार हराम किया है, जिस प्रकार क़ुरबानी का दिन हुरमत वाला है, मक्का नगर हुरमत वाला है और ज़ुल-हिज्जा महीना हुरमत वाला है।

फिर आपने पूछा : क्या मैंने तुम्हें वह संदेश पहुँचा दिया, जिसे तुम्हें पहुँचाने का आदेश मुझे दिया गया था? लोगों ने उत्तर दिया : हाँ, आपने पहुँचा दिया है। यह उत्तर सुन आपने तीन बार कहा : ऐ अल्लाह! इन लोगों ने उनके पास तेरा संदेश पहुँचा देने की जो गवाही दी है, उसपर तू गवाह रह। फिर आपने लोगों से कहा कि देखो, मेरे बाद काफ़िरों के समान न हो जाना कि एक-दूसरे का वध करते रहो।

श्रेणियाँ : अक़ीदा · अंतिम दिवस पर ईमान · क़यामत की निशानयाँ

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سبحان الله अल्लाह की पवित्रता है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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