ग़ैब की चाबियां पांच हैं

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी ने रिवायत किया है

स़ह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: ग़ैब की चाबियां पांच हैं

हदीस की व्याख्या: ग़ैब की चाबियां पांच हैं

ग़ैब अल्लाह के पास है, उसे उसके सिवा कोई नहीं जानता। नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने बताया है कि गैब की चाबियां और उसके खजाने पांच हैं : पहला : क़यामत कब आएगी, इसके बारे में अल्लाह के अलावा कोई नहीं जानता है। यह आख़िरत के ज्ञान की ओर एक संकेत है, क्योंकि क़यामत का दिन उसकी पहली कड़ी है। और जब निकटतम चीज़ के ज्ञान का ही खंडन हो गया, तो उसके बाद की चीज़ों का ज्ञान तो स्वतः ही खंडित हो जाता है। दूसरा : बारिश कब आएगी, यह अल्लाह के सिवा कोई नहीं जानता। इसमें ऊपरी दुनिया के मामलों की ओर संकेत है। बारिश का उल्लेख विशेष रूप से इसलिए किया गया है, क्योंकि यद्यपि इसके कुछ कारण होते हैं, जो आमतौर पर इसके होने का संकेत देते हैं, लेकिन यह संकेत निश्चित और यक़ीनी नहीं होता। तीसरा : जो कुछ गर्भाशयों में होता है; जैसे नर या मादा, काला या गोरा, पूर्ण या अपूर्ण, अभागा या भाग्यशाली इत्यादि। गर्भाशय का विशेष रूप से उल्लेख इसलिए किया गया है, क्योंकि अधिकतर लोग सामान्य अनुभव के आधार पर इसके बारे में जानते हैं। इसके बावजूद, इस बात का खंडन किया गया है कि कोई उसकी वास्तविकता को जान सकता है, तो अन्य चीज़ों का ज्ञान होना तो और भी दूर की बात है। चौथा : कल क्या होगा, यह अल्लाह के सिवा कोई नहीं जानता। इसमें ज़माने के विभिन्न दौरों और उनमें घटने वाली घटनाओं की ओर इशारा है। यहाँ "कल" शब्द का प्रयोग इसलिए किया गया है, क्योंकि वह सबसे क़रीबी ज़माना है। जब इतना क़रीब होने के बावजूद, और कुछ संकेतों और लक्षणों की संभावना के होते हुए भी, यह नहीं जाना जा सकता कि उसमें वास्तव में क्या होगा, तो जो उससे अधिक दूर है, उसके बारे में तो और भी नहीं जाना जा सकता। पाँचवाँ : कोई प्राणी नहीं जानता कि उसकी मृत्यु किस धरती पर होगी। यह निम्न लोक के मामलों की ओर एक संकेत है। यद्यपि सामान्यतः अधिकतर लोग अपने ही देश में मरते हैं, लेकिन यह कोई अटल सत्य नहीं है। बल्कि अगर वह अपने देश में मर भी जाए, तो उसे यह नहीं पता होता कि उसे उसके किस हिस्से में दफ़नाया जाएगा, भले ही वहाँ उसके पूर्वजों का क़ब्रिस्तान ही क्यों न हो। वास्तव में, अल्लाह ही सब कुछ जानने वाला, सबसे सूचित है। वह प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष, छिपी और गुप्त चीज़ों तथा सारे भेदों से पूरी तरह अवगत है। इस प्रकार इस आयत ने ग़ैब (परोक्ष) के सभी प्रकारों को एकत्र कर दिया है और सभी झूठे दावों को समाप्त कर दिया है।

सीख: ग़ैब की चाबियां पांच हैं

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لا حول ولا قوة إلا بالله अल्लाह के बिना कोई शक्ति और सामर्थ्य नहीं

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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