एक मख़ज़ूमी स्त्री का मामला कुरैश की चिंता का कारण बना, जिसने चोरी की थी।

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।

सह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: एक मख़ज़ूमी स्त्री का मामला कुरैश की चिंता का कारण बना,…

عن عَائِشَةُ رضي الله عنها «أَنَّ قُرَيْشا أَهَمَّهُم شَأن المَخْزُومِيَّة التي سَرَقَتْ، فَقَالُوا: مَنْ يُكَلِّمُ فيها رسول الله صلى الله عليه وسلم ؟، فقالوا: وَمَنْ يَجْتَرِئُ عليه إلا أسامة بن زيد حِبُّ رسول الله صلى الله عليه وسلم فَكَلَّمَهُ أسامة، فَقَالَ: أَتَشْفَعُ فِي حَدٍّ مِنْ حُدُودِ الله؟ ثُمَّ قَامَ فَاخْتَطَبَ، فقال: إنَّمَا أَهْلَكَ الذين مِنْ قَبْلِكُمْ أنهم كانوا إذا سرق فيهم الشريف تركوه، وإذا سرق فيهم الضعيف أَقَامُوا عليه الحد، وَأَيْمُ الله: لَوْ أَنَّ فاطمة بنت محمد سَرَقَتْ لَقَطَعْتُ يَدَهَا».
وَفِي لَفْظٍ «كانت امرأة تَسْتَعِيرُ المَتَاعَ وَتَجْحَدُهُ، فَأَمَرَ النبي صلى الله عليه وسلم بِقَطْعِ يَدِهَا».

हदीस की व्याख्या: एक मख़ज़ूमी स्त्री का मामला कुरैश की चिंता का कारण बना,…

एक मख़ज़ूमी महिला लोगों से उनके सामान बहाना बनाकर लेती थी, फिर इनकार कर जाती। एक बार उस ने एक ज़ेवर लिया और इनकार कर दिया, लेकिन खोज के बाद उसी के पास पाया गया और यह बात नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- को पहुंची, तो आपने हद लागू करने का पुख्ता इरादा कर लिया। वह महिला शरीफ़ घराने की थी, इस लिए क़ुरैश को उसकी और उस पर लागू होने वाली हद की चिंता सताने लगी और सोच विचार में लग गए कि कौन अल्लाह के नबी से इसे क्षमा कर देने के मामले में बात करेगा, तो उन्हें नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के प्यारे उसामा बिन ज़ैद के सिवा कोई नहीं दिखा, चुनांचे उसाम ने आप से बात की, तो आप ग़ुस्से के मारे लाल हो गए और फ़मायाः क्या तुम अल्लाह की सीमा के बारे अनुशंसा करने आए हो))? फिर आप ने लोगों को सीमाओं को नाकारह करने वाले अनुशंसा की संगीनी समझाई और क्योंकि यह मामला उन में से बहुत से लोगों के लिए महत्वपूर्ण था , इस लिए उन्हें बताया कि पहले के लोगों का दीन तथा दुनिया के मामले में विनाश हुआ, क्योंकि वह लोग कमज़ोरों पर निर्दिष्ट दंड लागू करते और ताक़तवरों तथा धनी को छोड़ देते थे, जिस कारण उपद्रव और अशासन फैल जाता था, तो उन पर अल्लाह का क्रोध उतरता था। फिर आप -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने क़सम खाई -जबकि आप तो सच्चे हैं ही- और फ़रमायाः यदि सारी दुनिया की महिलाओं की सरदार आप की बेटी फ़ातिमा भी ऐसा कर्म करती, तो आप उस पर भी अल्लाह का आदेश लागू करके रहते।

श्रेणियाँ : हुदूद (शरई दंड) · चोरी की हद (दंड) · फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह

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لا حول ولا قوة إلا بالله अल्लाह के बिना कोई शक्ति और सामर्थ्य नहीं

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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