“‎क्या अल्लाह ने तुम्हारे लिए वह चीज़ें नहीं बनाई हैं, जिनसे तुम सदक़ा कर सकते हो? हर तस्ब…

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है

स़ह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: “‎क्या अल्लाह ने तुम्हारे लिए वह चीज़ें नहीं बनाई हैं,…

عَنْ أَبِي ذَرٍّ رضي الله عنه: أَنَّ نَاسًا مِنْ أَصْحَابِ النَّبِيِّ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالُوا لِلنَّبِيِّ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ: يَا رَسُولَ اللهِ، ذَهَبَ أَهْلُ الدُّثُورِ بِالْأُجُورِ، يُصَلُّونَ كَمَا نُصَلِّي، وَيَصُومُونَ كَمَا نَصُومُ، وَيَتَصَدَّقُونَ بِفُضُولِ أَمْوَالِهِمْ، قَالَ: «أَوَلَيْسَ قَدْ جَعَلَ اللهُ لَكُمْ مَا تَصَّدَّقُونَ؟ إِنَّ بِكُلِّ تَسْبِيحَةٍ صَدَقَةً، وَكُلِّ تَكْبِيرَةٍ صَدَقَةً، وَكُلِّ تَحْمِيدَةٍ صَدَقَةً، وَكُلِّ تَهْلِيلَةٍ صَدَقَةً، وَأَمْرٌ بِالْمَعْرُوفِ صَدَقَةٌ، وَنَهْيٌ عَنْ مُنْكَرٍ صَدَقَةٌ، وَفِي بُضْعِ أَحَدِكُمْ صَدَقَةٌ»، قَالُوا: يَا رَسُولَ اللهِ، أَيَأتِي أَحَدُنَا شَهْوَتَهُ وَيَكُونُ لَهُ فِيهَا أَجْرٌ؟ قَالَ: «أَرَأَيْتُمْ لَوْ وَضَعَهَا فِي حَرَامٍ أَكَانَ عَلَيْهِ فِيهَا وِزْرٌ؟ فَكَذَلِكَ إِذَا وَضَعَهَا فِي الْحَلَالِ كَانَ لَهُ أَجْرٌ».

हदीस की व्याख्या: “‎क्या अल्लाह ने तुम्हारे लिए वह चीज़ें नहीं बनाई हैं,…

कुछ निर्धन सहाबा ने अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के पास आकर अपनी ग़रीबी और अपने मालदार भाइयों की तरह सदक़ा करके बड़ा सवाब प्राप्त न कर पाने और नेकी के कामों में उनके बराबर न हो पाने की शिकायत की और कहा कि हम नमाज़ पढ़ते हैं तो वह भी नमाज़ पढ़ते हैं और हम रोज़ा रखते हैं तो वह भी रोज़ा रखते हैं, लेकिन इसके साथ ही वह अपने अतिरिक्त धन में से सदक़ा करके हम से आगे बढ़ जाते हैं, जबकि हमारे पास सदक़ा करने के लिए कुछ नहीं होता। अतः अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने उनको सदक़े के कुछ ऐसे रूप बता दिए, जो वे कर सकते थे। फ़रमाया : क्या अल्लाह ने तुम्हारे लिए सदक़ा करने की राहें निकाल नहीं रखी हैं? 'सुबहानल्लाह' कहना सदक़ा है, 'अल्लाहु अकबर' कहना सदक़ा है, 'अल-हम्दु लिल्लाह' कहना सदक़ा है, 'ला इलाहा इल्लल्लाह' कहना सदक़ा है, भलाई का आदेश देना सदक़ा है, बुराई से रोकना सदक़ा है, बल्कि अपनी पत्नी से संभोग करना भी सदक़ा है। सहाबा को बड़ा आश्चर्य हुआ। कहने लगे : ऐ अल्लाह के रसूल! हमें अपनी वासना पूरी करने का भी सवाब मिलेग? आपने उत्तर दिया : अच्छा यह बताओ कि अगर वह हराम जगह से वासना पूरी करे, जैसे व्यभिचार आदि में लिप्त हो जाए, तो गुनाह होगा या नहीं? बस इसी तरह अगर वासना हलाल जगह से पूरी करता है, तो सवाब मिलेगा।

सीख: “‎क्या अल्लाह ने तुम्हारे लिए वह चीज़ें नहीं बनाई हैं,…

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لا إله إلا الله अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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