इसे तीन बार, पाँच बार या -ज़रूरत महसूस हो तो- इससे अधिक बार पानी तथा बेरी के पत्तों से नहल…

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है

स़ह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: इसे तीन बार, पाँच बार या -ज़रूरत महसूस हो तो- इससे अधिक…

हदीस की व्याख्या: इसे तीन बार, पाँच बार या -ज़रूरत महसूस हो तो- इससे अधिक…

नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- की बेटी ज़ैनब की मृत्यु हुई, तो आप -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- उन महिलाओं के पास आए जो उन्हें ग़ुस्ल देने वाली थीं और उनसे फ़रमाया : "उसे बेरी के पत्ते डाले हुए पानी से विषम संख्या में तीन, पाँच अथवा आवश्यकता होने पर उससे अधिक बार स्नान कराओ तथा अंतिम बार के स्नान में थोड़ा-सा कपूर मिला दो। जब तुम लोग स्नान करा चुको, तो मुझे खबर देना। जब वे उन्हें ग़ुस्ल दे चुकीं और आपको सूचित किया, तो आपने ग़ुस्ल देने वाली महिलाओं को अपना तहबंद दिया और फ़रमाया : 'उसे इसमें लपेट दो और इसे ही वह कपड़ा बनाओ जो उसके शरीर से सटा रहे', फिर उनके बालों की तीन चोटियाँ बना दी गईं।

सीख: इसे तीन बार, पाँच बार या -ज़रूरत महसूस हो तो- इससे अधिक…

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الثلاثاء 15 جمادى الأولى
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13 दिनों में अमावस्या
سبحان الله وبحمده अल्लाह की महिमा और स्तुति है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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