इसकी तुमने प्रशंसा की, तो इसके लिए जन्नत अनिवार्य हो गई और इसकी तुमने बुराई की, तो इसके लि…

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।

सह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: इसकी तुमने प्रशंसा की, तो इसके लिए जन्नत अनिवार्य हो गई…

عن أنس رضي الله عنه قال: مَرُّوا بجَنَازَةٍ، فأَثْنَوْا عليها خيراً، فقال النبي صلى الله عليه وسلم : «وَجَبَتْ» ثم مَرُّوا بأخرى، فأَثْنَوْا عليها شراً، فقال النبي صلى الله عليه وسلم : «وَجَبَتْ»، فقال عمر بن الخطاب رضي الله عنه : ما وَجَبَتْ؟ فقال: «هذا أَثْنَيْتُمْ عليه خيراً، فوَجَبَتْ له الجنة، وهذا أَثْنَيْتُم عليه شراً، فوَجَبَتْ له النار، أنتم شُهَدَاءُ الله في الأرض».

हदीस की व्याख्या: इसकी तुमने प्रशंसा की, तो इसके लिए जन्नत अनिवार्य हो गई…

कुछ सहाबा एक जनाज़े के पास से गुज़रे और उसके लिए भलाई एवं अल्लाह की शरीयत पर मज़बूती से अमल करके दुनिया से जाने की गवाही दी। अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने जब उनकी प्रशंसा सुनी, तो फ़रमाया : "वाजिब हो गई।" फिर दूसरे जनाज़े के पास से गुज़रे और उसके बारे में बुराई की गवाही दी। इसपर भी अल्लाह के रसूल -सल्ल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया : "वाजिब हो गई।" यह सुन उमर बिन ख़त्ताब -रज़ियल्लाहु अनहु- ने पूछा कि दोनों स्थानों में 'वाजिब हो गई' के क्या मायने हैं? उनके उत्तर में अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया : जिस व्यक्ति के बारे में तुमने भलाई, नेकी और सुदृढ़ता की गवाही दी, उसके लिए जन्नत वाजिब हो गई और जिसके बारे में तुमने बुराई की गवाही दी, उसके लिए जहन्नम वाजिब हो गई। हो सकता है कि वह निफ़ाक़ एवं इस तरह की किसी और चीज़ के लिए मशहूर रहा हो।

फिर अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने बताया कि जिस व्यक्ति के बारे में सत्यवादी, प्रतिष्ठित और सत्कर्मी लोग जन्नत अथवा जहन्नम के हक़दार होने की गवाही दें, तो वह सचमुच वैसा ही होगा।

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إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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