इस्लाम > Hi > हदीस > पवतर करआन तथ उसस सबधत अनय वषय > अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम से दस आयतें पढ़ते और दूसरी दस आयतों को पढ़ना उस समय…
ह़सन27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 1 मिनट पढ़ने का समयعَنْ أَبِي عَبْدِ الرَّحْمَنِ السُّلَمي رحمه الله قَالَ: حَدَّثَنَا مَنْ كَانَ يُقْرِئُنَا مِنْ أَصْحَابِ النَّبِيِّ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَنَّهُمْ كَانُوا يَقْتَرِئُونَ مِنْ رَسُولِ اللهِ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَشْرَ آيَاتٍ، فَلَا يَأْخُذُونَ فِي الْعَشْرِ الْأُخْرَى حَتَّى يَعْلَمُوا مَا فِي هَذِهِ مِنَ الْعِلْمِ وَالْعَمَلِ، قَالُوا: فَعَلِمْنَا الْعِلْمَ وَالْعَمَلَ.
सहाबा अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम से दस आयतें प्राप्त करते और दूसरी दस आयतें प्राप्त करना उस समय तक शुरू नहीं करते, जब तक पहली दस आयतों के ज्ञान को पूरी तरह सीख न लेते और उसपर अमल करने न लगते। इस तरह वे ज्ञान तथा अमल दोनों को एक साथ सीखते थे।
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