अज़ान तथा इक़ामत के बीच की जाने वाली दुआ रद्द नहीं होती।

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हदीस वर्णनकर्ता: इस ह़दीस़ को अबू दावूद, तिर्मिज़ी और नसई ने रिवायत किया है

स़ह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: अज़ान तथा इक़ामत के बीच की जाने वाली दुआ रद्द नहीं होती…

हदीस की व्याख्या: अज़ान तथा इक़ामत के बीच की जाने वाली दुआ रद्द नहीं होती…

अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने अज़ान और इक़ामत के बीच की जाने वाली दुआ की फ़ज़ीलत बयान की है और बताया है कि इस समय की जाने वाली दुआ इस लायक़ है कि क़बूल हो जाए। अतः इस समय अल्लाह से दुआ किया करो।

सीख: अज़ान तथा इक़ामत के बीच की जाने वाली दुआ रद्द नहीं होती…

श्रेणियाँ : दुआओं तथा अज़कार पर आधारित फ़िक़्ह · दुआ ग्रहण होने में सहायक चीज़ें तथा उसे ग्रहण न होने देने वाली वस्तुएँ · फ़ज़ीलतें तथा आदाब

بسم الله الرحمن الرحيم मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
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रोशनी 97%
13 दिनों में अमावस्या
الحمد لله अल्लाह की सारी प्रशंसा है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

पैग़ंबर पर दुरूद