तीन प्रकार की दुआएँ क़बूल होती हैं। उनके क़बूल होने में कोई संदेह नहीं है।

इस्लाम > Hi > हदीस > फजलत तथ आदब > तीन प्रकार की दुआएँ क़बूल होती हैं। उनके क़बूल होने में कोई संदेह नहीं है।

हदीस वर्णनकर्ता: इसे इब्ने माजा ने रिवायत किया है । - इसे तिर्मिज़ी ने रिवायत किया है। - इसे अबू दाऊद ने रिवायत किया है। - इसे अह़मद ने रिवायत किया है।

ह़सन

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

📖 1 मिनट पढ़ने का समय

हदीस का पाठ: तीन प्रकार की दुआएँ क़बूल होती हैं। उनके क़बूल होने में…

عن أبي هريرة رضي الله عنه مرفوعاً: «ثلاثُ دَعواتٍ مُستجابات لا شك فِيهن: دعوةُ المظلومِ، ودعوةُ المسافرِ، ودعوةُ الوالدِ على وَلدِه».

हदीस की व्याख्या: तीन प्रकार की दुआएँ क़बूल होती हैं। उनके क़बूल होने में…

तीन प्रकार के लोगों द्वारा की जाने वाली तीन दुआएँ हैं, जिन्हें अल्लाह ग्रहण करता है, इसमें कोई संदेह नहीं है। पहली, अत्याचार से पीड़ित व्यक्ति की दुआ। यहाँ तक कि किसी काफ़िर व्यक्ति पर भी यदि अत्याचार किया जाए और वह अल्लाह से दुआ करे, तो अल्लाह उसकी दुआ ग्रहण करता है। दूसरी, यात्री यदि यात्रा के दौरान अल्लाह से दुआ करे, तो उसकी दुआ ग्रहण होती है और तीसरी दुआ है माता-पिता की दुआ। दुआ चाहे माता करे या पिता। इसी तरह दुआ करें या बददुआ।

श्रेणियाँ : दुआओं तथा अज़कार पर आधारित फ़िक़्ह · दुआ ग्रहण होने में सहायक चीज़ें तथा उसे ग्रहण न होने देने वाली वस्तुएँ · फ़ज़ीलतें तथा आदाब

بسم الله الرحمن الرحيم मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
بدر पूर्णिमा दिन 16.6 / 29.5
रोशनी 96%
13 दिनों में अमावस्या
حسبنا الله ونعم الوكيل अल्लाह हमारे लिए काफी है, कितना अच्छा रक्षक है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

पैग़ंबर पर दुरूद