इस्लाम > Hi > हदीस > फजलत तथ आदब > तीन प्रकार की दुआएँ क़बूल होती हैं। उनके क़बूल होने में कोई संदेह नहीं है।
ह़सन27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 1 मिनट पढ़ने का समयعن أبي هريرة رضي الله عنه مرفوعاً: «ثلاثُ دَعواتٍ مُستجابات لا شك فِيهن: دعوةُ المظلومِ، ودعوةُ المسافرِ، ودعوةُ الوالدِ على وَلدِه».
तीन प्रकार के लोगों द्वारा की जाने वाली तीन दुआएँ हैं, जिन्हें अल्लाह ग्रहण करता है, इसमें कोई संदेह नहीं है। पहली, अत्याचार से पीड़ित व्यक्ति की दुआ। यहाँ तक कि किसी काफ़िर व्यक्ति पर भी यदि अत्याचार किया जाए और वह अल्लाह से दुआ करे, तो अल्लाह उसकी दुआ ग्रहण करता है। दूसरी, यात्री यदि यात्रा के दौरान अल्लाह से दुआ करे, तो उसकी दुआ ग्रहण होती है और तीसरी दुआ है माता-पिता की दुआ। दुआ चाहे माता करे या पिता। इसी तरह दुआ करें या बददुआ।
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