तुम अपने लिए बददुआ न करो, अपनी संतान के लिए बददुआ न करो तथा अपनी धन-दौलत के लिए दुष्कामना …

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है।

सह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: तुम अपने लिए बददुआ न करो, अपनी संतान के लिए बददुआ न करो…

عن جابر بن عبد الله رضي الله عنهما مرفوعاً: «لا تدعوا على أنفسكم؛ ولا تدعوا على أولادكم، ولا تدعوا على أموالكم، لا توافقوا من الله ساعة يُسأل فيها عطاءٌ فيستجيب لكم».

हदीस की व्याख्या: तुम अपने लिए बददुआ न करो, अपनी संतान के लिए बददुआ न करो…

इस हदीस में अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- स्वयं अपने, अपनी संतान तथा अपने धन पर बददुआ करने से मना कर रहे हैं। क्योंकि दुआ एक बहुत बड़ी चीज़ है और कभी-कभी अल्लाह उसे बंदों के हक़ में प्रभावी भी बना देता है। ऐसे में यदि वह ग्रहण हो जाए, तो उसका नुक़सान ख़ुद बददुआ करने वाले को ही, उसकी जान, माल एवं संतान की क्षति के रूप में उठाना पड़ेगा।

श्रेणियाँ : दुआओं तथा अज़कार पर आधारित फ़िक़्ह · दुआ के अहकाम · फ़ज़ीलतें तथा आदाब

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لا إله إلا الله अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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