जो मुसलमान कोई दुआ करता है, जिसमें गुनाह एवं संबंध विच्छेद न हो, उसे अल्लाह तीन में से कोई…

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे अह़मद ने रिवायत किया है

स़ह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: जो मुसलमान कोई दुआ करता है, जिसमें गुनाह एवं संबंध विच्…

हदीस की व्याख्या: जो मुसलमान कोई दुआ करता है, जिसमें गुनाह एवं संबंध विच्…

अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने बताया है कि जब एक मुसलमान कोई दुआ करता है और अल्लाह से कोई ऐसी चीज़ माँगता है, जिसमें गुनाह न हो, मसलन वह कोई गुनाह या अत्याचार को आसान करने की दुआ नहीं करता, इसी तरह उसकी माँगी हुई चीज़ में संबंध विच्छेद का पहलू न हो, मसलन वह अपने बाल-बच्चों और रिश्तेदारों के हक़ में बद-दुआ न करता हो, तो अल्लाह उसे तीन चीज़ों में से कोई एक चीज़ ज़रूर प्रदान करता है : या तो उसकी दुआ फ़ौरन क़बूल करते हुए उसे उसकी माँगी हुई चीज़ प्रदान कर देता है। या तो उसे माँगी हुई चीज़ तो नहीं देता, लेकिन आख़िरत में उसका प्रतिफल देते हुए उसके दर्जे ऊँचे करता है, उसपर अपनी दया की चादर तान देता है या उसके गुनाहों को माफ़ कर देता है। या फिर दुनिया में दुआ के परिमाण में उससे कोई बुराई दूर कर देता है। चुनांचे सहाबा ने अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम से कहा : तब तो हम ज़्यादा से ज़्यादा दुआ किया करेंगे, ताकि इनमें से कोई एक वस्तु प्राप्त कर सकें? जवाब में अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने कहा : तुम जो कुछ माँगोगे, अल्लाह के पास उससे कहीं ज़्यादा और बड़ी-बड़ी चीज़ें मौजूद हैं। उसकी दानशीलता के सोते कभी नहीं सूखेंगे।

सीख: जो मुसलमान कोई दुआ करता है, जिसमें गुनाह एवं संबंध विच्…

श्रेणियाँ : दुआओं तथा अज़कार पर आधारित फ़िक़्ह · दुआ के आदाब · फ़ज़ीलतें तथा आदाब

بسم الله الرحمن الرحيم बुध 16 जुमादा अल-अव्वल
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13 दिनों में अमावस्या
حسبنا الله ونعم الوكيل अल्लाह हमारे लिए काफी है, कितना अच्छा रक्षक है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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