कंजूस वह व्यक्ति है, जिसके सामने मेरा नाम लिया जाए और वह मुझपर दरूद न भेजे।

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे तिर्मिज़ी ने तथा नसई ने अल-सुनन अल-कुबरा में एवं अह़मद ने रिवायत किया है

स़ह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: कंजूस वह व्यक्ति है, जिसके सामने मेरा नाम लिया जाए और व…

हदीस की व्याख्या: कंजूस वह व्यक्ति है, जिसके सामने मेरा नाम लिया जाए और व…

अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने इस बात से सावधान किया है कि किसी के सामने आप सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम का नाम, कुनयत या ज़िक्र आए और वह आपपर दरूद न भेजे। आपने कहा : वह व्यक्ति पूर्ण रूप से कंजूस है, जिसके सामने मेरा ज़िक्र हो और वह मुझपर दरूद न भेजे। इसके कई कारण हैं :

1- उसने एक ऐसी चीज़ खर्च करने में कंजूसी दिखाई, जिसमें ज़रा भी घाटा नहीं है। उसमें न माल खर्च होता है और न मेहनत लगती है।

2- उसने खुद को अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम पर दरूद भेजने के प्रतिफल से वंचित कर लिया। उसने आपपर दरूद न भेजकर एक ऐसे हक़ की अदायगी में कंजूसी दिखाई, जो इस संबंध में आए हुए आदेश के अनुपालन और प्रतिफल की प्राप्ति के लिए उसे अदा करना था।

3- अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम पर दरूद भेजना हमारे ऊपर आपके अधिकारों में से एक अधिकार की अदायगी है। क्योंकि आपने हमें शिक्षा दी, हमारा मार्गदर्शन किया, हमें अल्लाह की ओर बुलाया और हमारे लिए वह्य (प्रकाशना) और एक भव्य शरीयत ले आए। अतः अल्लाह के पश्चात् आप ही हमारे मार्गदर्शन का सबब हैं। अतः जो आपपर दरूद नहीं भेजता, वह आपके प्रति कंजूसी कर रहा है और अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम का एक छोटा सा हक अदा करने में भी कंजूसी कर रहा है।

सीख: कंजूस वह व्यक्ति है, जिसके सामने मेरा नाम लिया जाए और व…

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निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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