हे अल्लाह, तू मेरे पापों को क्षमा कर दे, जो कुछ भी मैंने पहले किया या बाद में किया, छिपाकर…

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है।

सह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: हे अल्लाह, तू मेरे पापों को क्षमा कर दे, जो कुछ भी मैंन…

عن علي بن أبي طالب رضي الله عنه قال: كان رسول الله صلى الله عليه وسلم إذا قام إلى الصلاة يكون من آخر ما يقول بين التشهد والتسليم: «اللهم اغفر لي ما قَدَّمتُ وما أخَّرْتُ، وما أسررتُ وما أعلنتُ، وما أسْرَفتُ، وما أنت أعلم به مني، أنت المُقَدِّم، وأنت المؤخر، لا إله إلا أنت».

हदीस की व्याख्या: हे अल्लाह, तू मेरे पापों को क्षमा कर दे, जो कुछ भी मैंन…

श्रेणियाँ : दुआओं तथा अज़कार पर आधारित फ़िक़्ह · नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के ज़िक्र का तरीक़ा · फ़ज़ीलतें तथा आदाब

بسم الله الرحمن الرحيم मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
بدر पूर्णिमा दिन 16.6 / 29.5
रोशनी 96%
13 दिनों में अमावस्या
لا حول ولا قوة إلا بالله अल्लाह के बिना कोई शक्ति और सामर्थ्य नहीं

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

पैग़ंबर पर दुरूद