इस्लाम > Hi > हदीस > फजलत तथ आदब > दो शब्द रहमान (अल्लाह) को बड़े प्रिय हैं
स़ह़ीह़27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 1 मिनट पढ़ने का समयعن أبي هريرة رضي الله عنه عن النبي صلى الله عليه وسلم قال: «كَلِمَتَانِ خَفِيفَتَانِ عَلَى اللِّسَانِ، ثَقِيلَتَانِ فِي الْمِيزَانِ، حَبِيبَتَانِ إِلَى الرَّحْمَنِ: سُبْحَانَ اللهِ الْعَظِيمِ، سُبْحَانَ اللهِ وَبِحَمْدِهِ».
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने बताया है कि दो वाक्य हैं, जिनको इन्सान आसानी के साथ किसी भी हाल में बोल सकता है, तराज़ू में इनका प्रतिफल बहुत भारी साबित होगा और हमारा रब इन दोनों वाक्यों से मोहब्बत रखता है। यह दोनों वाक्य हैं :
सुबहानल्लाहिल अज़ीम, सुबहानल्लाहि व बिहम्दिहि (पाक है अल्लाह जो बड़ा महान है, अल्लाह पाक है अपनी प्रशंसा समेत)। इन दोनों वाक्यों का इतना महत्व इसलिए है कि इनके अंदर अल्लाह की महिमा और संपूर्णता बयान की गई है और उसे तमाम कमियों से पाक घोषित किया गया है।
श्रेणियाँ : दुआओं तथा अज़कार पर आधारित फ़िक़्ह · साधारण अज़कार · फ़ज़ीलतें तथा आदाब